राजयोग से आशय ऐसे योग से होता है जो अगर कुंडली में हो तो जातक को जीवन में क‍िसी भी बात की कमी नहीं होती। यही नहीं घर और या कर‍ियर इन्‍हें हर जगह अपार सफलता म‍िलती है। ये जहां भी कदम रखते हैं सफलता इनके कदम चूमती है। लेक‍िन ये बहुत कम लोगों की ही कुंडली में होता है। हालांक‍ि ज्‍योत‍िषशास्‍त्र के अनुसार कुछ ऐसे भी उपाय हैं जो अगर क‍िये जाएं तो जातकों की कुंडली में राजयोग बन सकता है। आइए जानते हैं…

राजयोग के ल‍िए कर सकते हैं ये उपाय
ज्‍योत‍िषशास्‍त्र के अनुसार अगर राजयोग चाहते हैं तो इसके ल‍िए न‍ियम‍ित रूप से 21 शुक्रवार तक देवी भगवती का व्रत रखना चाह‍िए। ध्‍यान रखें क‍ि जब भी व्रत करें उस द‍िन एक लाल रंग का कपड़ा ले लें और उसमें 42 लौंग, 21 लाल रंग की चूड़ियां, 7 कपूर, 5 गुड़हल के फुल, 2 चांदी की बिछियां, सिंदूर और परफ्यूम रखकर देवी भगवती के चरणों में अर्पित करें।
यह उपाय भी कर सकते हैं राजयोग के ल‍िए
ज्‍योत‍िषशास्‍त्र के अनुसार राजयोग के ल‍िए क‍िसी भी शुक्रवार से यह उपाय शुरू करें।
इसके बाद श्रद्धानुसार 5,7, 11 और 21 द‍िनों तक न‍ियम‍ितरूप से करने का संकल्‍प लें। इसके बाद कुमकुम, कपूर, घी, मिश्री, लाख और शहद को एक में म‍िला लें। अब इससे मां दुर्गा का त‍िलक करें और उसे फ‍िर अपने माथे पर लगा लें। मान्‍यता है क‍ि अगर पूरी श्रद्धा और न‍िष्‍ठा से यह उपाय क‍िया जाए तो राजयोग बनता है।
राजयोग के ल‍िए रव‍िवार को करें ये उपाय
ज्‍योत‍िषशास्‍त्र के अनुसार राजयोग पाना हो तो रव‍िवार के द‍िन यहां बताया गया उपाय करें। इसके ल‍िए रव‍िवार के द‍िन सूर्य न‍िकलने से पहले ही उठ जाएं। इसे बाद सूर्य देव की पूजा करें। साथ ही उनसे जुड़ी चीजें गेहूं, माण‍िक्‍य, गुड़, तांबे के बर्तन, लड्डू, लाल रंग का चंदन और लाल रंग का वस्‍त्र दान करें। मान्‍यता है क‍ि ऐसा करने से सूर्यदेव प्रसन्‍न होते हैं और उनकी कृपा से राजयोग का न‍िर्माण होता है।
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