Pradosh Vrat Upay: हर माह के शुक्ल पक्ष और कृष्ण पक्ष की त्रयोदशी तिथि को प्रदोष व्रत रखा जाता है। वैशाख महीने के शुक्ल पक्ष की त्रयोदशी तिथि पर मई का पहला प्रदोष व्रत रखा जाएगा। यह व्रत 9 मई, शुक्रवार को रखा जाएगा। इस दिन भगवान शिव और माता पार्वती की पूजा का विशेष महत्व होता है। मान्यता है कि त्रयोदशी तिथि के दौरान प्रदोष काल में यदि विधिवत पूजा-अर्चना की जाए, तो भक्तों को अद्भुत और शुभ फल प्राप्त होते हैं। प्रदोष व्रत में दिनभर उपवास रखा जाता है और शाम को भगवान शिव की विशेष पूजा की जाती है।
धार्मिक दृष्टिकोण से वैशाख मास अत्यंत पवित्र माना गया है। इस महीने में किए गए व्रत और उपाय विशेष फलदायी होते हैं। प्रदोष व्रत विशेष रूप से भगवान शिव को समर्पित होता है और इसका पालन करने से विवाह में आने वाली अड़चनें दूर होती हैं। साथ ही जीवन में सकारात्मक बदलाव भी आते हैं।
प्रदोष व्रत में करें ये उपाय:
इस बार 9 मई को प्रदोष व्रत हस्त नक्षत्र में पड़ेगा। इस दिन प्रदोष काल सूर्यास्त से लगभग 45 मिनट पहले शुरू होकर सूर्यास्त के 45 मिनट बाद तक रहता है। अगर आपकी शादी में किसी तरह की बाधाएं आ रही हैं, या विवाह होने में देरी हो रही है, तो इस दिन पूजा के समय आप एक खास उपाय कर सकते हैं।
इस पावन समय में भगवान शिव का अभिषेक यदि तांबे के पात्र में गंगाजल, गुड़, बेलपत्र, हरी मूंग की दाल, कनेर के फूल और शहद से किया जाए, तो विवाह संबंधी सभी बाधाएं दूर हो सकती हैं।
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