Pitru Paksha 2025: हिन्दू धर्म में पितृ पक्ष का विशेष महत्व है. यह समय हमारे पूर्वजों को याद करने और उनके प्रति सम्मान व्यक्त करने का होता है. मान्यता है कि इस दौरान हमारे पितर पृथ्वी पर आते हैं और अपने वंशजों को देखते हैं. पितृ पक्ष में पितरों को प्रसन्न करने और उनका आशीर्वाद पाने के लिए कई तरह के उपाय किए जाते हैं. लेकिन क्या आप जानते हैं कि घर में रखी कुछ चीजें भी पितरों की नाराजगी का कारण बन सकती हैं? यदि आप अपने पितरों को प्रसन्न करना चाहते हैं और पितृ दोष से बचना चाहते हैं, तो इन चीजों को पितृ पक्ष शुरू होने से पहले ही घर से बाहर कर देना चाहिए|
खंडित मूर्तियां और टूटी वस्तुएं:
घर में कोई भी टूटी या खंडित मूर्ति नहीं रखनी चाहिए, चाहे वह देवी-देवताओं की हो या किसी अन्य की. इसी तरह, टूटे हुए बर्तन, फर्नीचर, या शीशे भी घर में नहीं रखने चाहिए. माना जाता है कि ऐसी चीजें नकारात्मक ऊर्जा को आकर्षित करती हैं और पितरों को अप्रसन्न कर सकती हैं|
पुरानी और फटी हुई किताबें:
पुरानी और फटी हुई किताबें, खासकर धार्मिक ग्रंथ, घर में नहीं रखनी चाहिए. यदि वे उपयोगी नहीं हैं तो उन्हें सम्मानपूर्वक विसर्जित कर देना चाहिए. ऐसी चीजें घर में अशांति और दरिद्रता का कारण बन सकती हैं, जिससे पितरों को कष्ट हो सकता है|
सूखे या मुरझाए फूल:
मंदिर या पूजा स्थल में रखे सूखे या मुरझाए फूल तुरंत हटा देने चाहिए. यह एक अशुभ संकेत माना जाता है. ऐसा करना घर में नकारात्मक ऊर्जा फैलाता है और पितरों के आशीर्वाद में बाधा उत्पन्न कर सकता है|
बंद या खराब घड़ियां:
वास्तु शास्त्र के अनुसार, घर में बंद या खराब घड़ी रखना अशुभ होता है. यह प्रगति और समृद्धि में रुकावट का प्रतीक है. पितृ पक्ष के दौरान, ऐसी घड़ियों को तुरंत ठीक करवा लेना चाहिए या घर से हटा देना चाहिए|
पितृ पक्ष में क्यों जरूरी है इन चीजों को हटाना:
पितृ पक्ष का समय बहुत ही पवित्र माना जाता है. इस दौरान पितर अपने वंशजों के घरों में जाते हैं. यदि उन्हें घर में ऐसी चीजें मिलती हैं जो नकारात्मकता या अव्यवस्था का प्रतीक हैं, तो वे अप्रसन्न हो सकते हैं. पितरों की नाराजगी से घर में कलह, धन की हानि और स्वास्थ्य संबंधी समस्याएं हो सकती हैं. इसलिए, पितृ पक्ष शुरू होने से पहले ही इन चीजों को हटाकर घर को शुद्ध और स्वच्छ बनाना चाहिए, ताकि पितरों का आशीर्वाद प्राप्त हो सके|
पितृ पक्ष में और क्या करें?
घर की अच्छी तरह से साफ-सफाई करें.
पितरों के लिए तर्पण और श्राद्ध करें.
जरूरतमंदों को भोजन और वस्त्र दान करें.
ब्राह्मणों को भोजन कराएं.
पक्षियों और जानवरों को दाना-पानी दें|
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