जनता से रिश्ता वेबडेस्क। शानदार मंदिरों का घर है. खासतौर पर यहां के शिव मंदिर-कृष्‍ण मंदिर बेहद आकर्षक हैं. इन मंदिरों में दर्शन करने के लिए दुनिया भर से तीर्थयात्री आते हैं. इन मंदिरों की भव्‍यता, आध्‍यात्मिकता और धार्मिक महत्‍व ऐसा है, जिसके कारण लोग यहां खिंचे चले आते हैं. आज हम भारत के सबसे शानदार शिव मंदिरों (Shiva Temples) के बारे में जानते हैं, जिन्‍हें जिंदगी में एक बार जरूर देखना चाहिए.

ये हैं देश के अद्भुत शिव-मंदिर
शिवोहम शिव मंदिर, बेंगलुरु: इस मंदिर में भगवान शिव की 65 फीट लंबी मूर्ति बेहद मशहूर है. शिवोहम शिव मंदिर (Shivoham Shiva Temple) में सबसे बड़ा शिव लिंग द्वार भी है. शिव जी के अलावा यहां भगवान गणेश की भी 32 फीट बड़ी मूर्ति है. मान्‍यता है कि इस शिव मंदिर में जो मनोकामनाएं मांगी जाए, वह जरूर पूरी होती हैं.
श्री कोटिलिंगेश्वर स्वामी मंदिर, कर्नाटक: कर्नाटक के कोलार जिले के कम्मासांद्रा गांव में स्थित कोटिलिंगेश्वर मंदिर (Kotilingeshwara Swamy Temple) दुनिया के सबसे बड़े शिवलिंगों में से एक है. यहां का शिवलिंग 108 फीट लंबा है. साथ ही यह 15 एकड़ के क्षेत्र में फैले छोटे शिवलिंगों से घिरा है. परिसर में 35 फीट लंबी नंदी की मूर्ति भी है. इस मंदिर परिसर में करीब एक करोड़ शिवलिंग हैं.
केदारनाथ मंदिर, उत्तराखंड: उत्तराखंड के गढ़वाल में मंदाकिनी नदी के पास बना केदारनाथ मंदिर (Kedarnath Mandir) भारत का सबसे लोकप्रिय शिव मंदिर है. इस मंदिर में दर्शन करने के लिए कोने-कोने से लोग आते हैं. हालांकि यहां के बेहद ठंडे मौसम के कारण यह मंदिर साल में केवल 6 महीनों के लिए ही खुलता है.
सिद्धेश्वर धाम, सिक्किम: सिद्धेश्वर धाम (Siddhesvara Dham) मंदिर सिक्किम की राजधानी गंगटोक से मुश्किल से 2 घंटे की दूरी पर है. ऊंचे-ऊंचे खूबसूरत पहाड़ों से घिरे इलाके में भगवान विष्णु, भगवान कृष्ण, भगवान जगन्नाथ और भगवान शिव को समर्पित चार मंदिर हैं. दूर-दूर तक फैले परिसर में 12 ज्योतिर्लिंग और 108 फीट ऊंची भगवान शिव की मूर्ति है.
मुर्देश्वर शिव मंदिर, कर्नाटक: विशाल अरब सागर से 3 तरफ से घिरा मुर्देश्वर शिव मंदिर (Murdeshwar Shiva Temple) कर्नाटक के कांडुला पहाड़ी पर स्थित है. इस मंदिर में 20 मंजिल ऊंचा गोपुरम है. इस मंदिर में 123 फीट ऊंची शिव प्रतिमा को दुनिया में भगवान शिव की दूसरी सबसे ऊंची मूर्ति के रूप में जाना जाता है. भक्तों को इस भव्य प्रतिमा का अच्‍छे से दर्शन कराने के लिए यहां एक लिफ्ट भी लगाई गई है. इस मूर्ति को इस तरह बनाया गया है कि सुबह सूर्य की रोशनी पड़ने पर यह मूर्ति चमकती है और इस नजारे को देखने के लिए लोग दूर-दूर से आते हैं.
नागेश्वर मंदिर, गुजरात: यह लोकप्रिय शिव मंदिर द्वारका से 15 किलोमीटर की दूरी पर है और भारत के 12 ज्योतिर्लिंगों में से एक है. यहां खूबसूरत तालाब और गॉर्डन है. इस मंदिर को नागनाथ मंदिर के नाम से भी जाना जाता है. मान्यता है कि जो लोग नागेश्वर ज्योतिर्लिंग (Nageshwar Jyotirlinga) की पूजा करते हैं, उन पर किसी भी तरह के विष, सांपों के काटने का असर नहीं होता है.


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