सावन पूर्णिमा पर सिर्फ राखी नहीं कई खास परंपराओं का होता है पालन
सावन पूर्णिमा
लाइफस्टाइल : रक्षाबंधन का त्योहार देशभर में भाई-बहन के प्रेम और विश्वास के प्रतीक के रूप में मनाया जाता है। सावन पूर्णिमा के दिन बहनें अपने भाइयों की कलाई पर राखी बांधकर उनकी लंबी उम्र और सुख-समृद्धि की कामना करती हैं। लेकिन भारत की विविध संस्कृति में रक्षाबंधन सिर्फ राखी बांधने तक सीमित नहीं है, बल्कि अलग-अलग राज्यों में इस दिन कई अनोखी परंपराएं भी निभाई जाती हैं।
एक ही त्योहार को देश के अलग-अलग हिस्सों में अलग-अलग नाम और रीति-रिवाजों के साथ मनाया जाता है। कहीं समुद्र की पूजा होती है तो कहीं पेड़ों को राखी बांधी जाती है। कई जगह ब्राह्मण समुदाय इस दिन विशेष धार्मिक अनुष्ठान करते हैं।
महाराष्ट्र में नारली पूर्णिमा की परंपरा
महाराष्ट्र और तटीय इलाकों में रक्षाबंधन को नारली पूर्णिमा के रूप में भी मनाया जाता है। इस दिन मछुआरा समुदाय समुद्र देवता की पूजा करता है और समुद्र में नारियल अर्पित करता है। मान्यता है कि यह पूजा समुद्र की कृपा और सुरक्षित यात्रा के लिए की जाती है। कोली समुदाय में यह पर्व खास महत्व रखता है, क्योंकि उनका जीवन समुद्र से जुड़ा होता है।
राजस्थान में पेड़ों को भी बांधते हैं राखी
राजस्थान के कुछ क्षेत्रों में रक्षाबंधन पर पेड़ों को राखी बांधने की परंपरा भी देखने को मिलती है। लोग प्रकृति की रक्षा और पर्यावरण संरक्षण का संकल्प लेते हुए पेड़ों को रक्षा सूत्र बांधते हैं। यह परंपरा बताती है कि भारतीय संस्कृति में प्रकृति को भी परिवार का हिस्सा माना गया है।
उत्तराखंड में श्रावणी पर्व का महत्व
उत्तराखंड में रक्षाबंधन को कई जगह श्रावणी के नाम से भी जाना जाता है। इस दिन ब्राह्मण समुदाय धार्मिक अनुष्ठान करते हैं, यज्ञोपवीत बदलते हैं और ऋषियों का स्मरण करते हैं। कई स्थानों पर पुरोहित अपने यजमानों को रक्षा सूत्र बांधते हैं और आशीर्वाद देते हैं।
छत्तीसगढ़ और झारखंड में सामाजिक रिश्तों का पर्व
आदिवासी समुदायों में रक्षाबंधन का महत्व केवल भाई-बहन के रिश्ते तक सीमित नहीं है। कई जगह यह सामाजिक एकता और आपसी सुरक्षा के प्रतीक के रूप में मनाया जाता है। लोग एक-दूसरे के प्रति सहयोग और विश्वास का संकल्प लेते हैं, जिससे यह पर्व सामाजिक जुड़ाव को मजबूत करता है।
दक्षिण भारत में अवनि अवित्तम
तमिलनाडु, केरल, महाराष्ट्र और ओडिशा के कुछ ब्राह्मण समुदायों में इस दिन अवनि अवित्तम मनाया जाता है। इसमें यज्ञोपवीत धारण करने वाले लोग नदी या समुद्र में स्नान कर धार्मिक विधियां पूरी करते हैं और नया यज्ञोपवीत धारण करते हैं।
सैनिकों और सुरक्षाकर्मियों को राखी बांधने की परंपरा
आज के समय में कई जगह बहनें अपने भाइयों के अलावा सैनिकों, पुलिसकर्मियों और सुरक्षाबलों को भी राखी बांधती हैं। यह उनके योगदान और देश की सुरक्षा के प्रति सम्मान जताने का तरीका है।
रक्षाबंधन सिर्फ धागे का नहीं भावनाओं का त्योहार
रक्षाबंधन की सबसे बड़ी खासियत यही है कि अलग-अलग राज्यों और समुदायों में इसकी रस्में भले ही अलग हों, लेकिन भावना एक ही है। यह पर्व रिश्तों में प्रेम, विश्वास और जिम्मेदारी को मजबूत करने का संदेश देता है। सावन पूर्णिमा पर मनाया जाने वाला यह त्योहार भारत की सांस्कृतिक विविधता और परंपराओं की खूबसूरती को भी दर्शाता है।