धर्म: सिर पर कर्ज का भारी बोझ है, तो मुक्ति पाने के लिए आजमाइए 10 चमत्कारी अचूक उपाय
धर्म: कर्ज लेना कोई नहीं चाहता, कोई भी उधार का बोझ अपने सिर पर रखना नहीं चाहता लेकिन कई बार ग्रह और हालात हमें ऐसा करने के लिए विवश कर देते हैं. वैसे तो व्यक्ति पर ऋण होने के कई कारण और कारक हो सकते हैं लेकिन ज्योतिष की मानें तो मंगल ही मुख्य कारण होता है|
चाहते ना चाहते हम कर्ज के बोझ तले दब जाते हैं और मुश्किल को तब बढ़ जाती है जब इस उधार को चुकाने का कोई विकल्प भी नजर ना आये लेकिन कुछ उपाय है जिनको करके आप इन विकट परिस्तिथियों का सामना कर सकते हो. चलिए जानते हैं कि आखिर क्यों व्यक्ति कर्ज की दलदल में फंसता है और इससे निकलने के उपाय क्या हैं|
क्यों चढ़ता है ऋण:
ज्योतिष की नजर से देखें तो मंगल ग्रह को कर्ज का कारक ग्रह माना जाता है. जब किसी व्यक्ति की कुंडली में मंगल नीच का हो मतलब कमजोर हो या मंगल ग्रह अन्य अशुभ ग्रहों के साथ युति कर रहा हो तो उस व्यक्ति को कर्ज लेना पड़ सकता है|
वहीं जातक की कुंडली में शनि ,राहु-केतु का अशुभ प्रभाव भी व्यक्ति को कर्ज में डूबो सकता है.
व्यक्ति की कुंडली में बुध और चंद्रमा की अशुभ स्तिथि भी कर्ज का कारण बन सकती है. कुंडली में इन ग्रहों की स्थिति के अनुसार, व्यक्ति को कर्ज लेने या चुकाने में दिक्कतें आ सकती हैं.
कर्ज मुक्ति के उपाय:
बजरंगबली के चरणों में मंगलवार या शनिवार के दिन चमेली के तेल और सिंदूर को मिलकर चढ़ाएं और उससे अपने माथे पर भी तिलक करें, साथ ही मंगलवार और शनिवार को बजरंग बाण का पाठ करना शुरू कर दें.
ऋणमोचन प्रदोष व्रत अवश्य करें साथ ही भौम प्रदोष भी करें इससे आपके कर्ज मुक्ति के रास्ते खुल जाएंगें.
बुधवार के दिन ढाई सौ ग्राम मूंग उबालकर उसमें घी और शक्कर मिलाकर भूरे रंग की गाय को खिलाएं.
किसी पंडित को बुलाकर बीसा यंत्र मंगलवार के दिन गले में धारण करने से कर्ज मुक्ति के रास्ते खुलते हैं.
ओम ऋणहर्तायै नम:, ओम मंगलमूर्तये नमः का जाप रोज 108 बार करना शुरू कर दें.
किसी मंदिर में लाल मसूर की दाल का दान किसी युवा पंडित को करें, साथ ही लाल मसूर की दाल का सेवन अपने जीवन में बढ़ा दें.
ऋणमोचक मंगल स्त्रोत का पाठ करें,साथ ही कर्ज की किस्त या किसी का भी उधार मंगलवार के दिन ही चुकाया करें.
कर्ज मुक्ति के लिए सवा पांच रत्ती का मूंगा नग को मंगल यंत्र के ताम्र पत्र पर जड़वा कर या तो अपने गले में या उंगली में मंगलवार के दिन धारण करें.
गुरु पुष्य नक्षत्र वाले दिन शंखपुष्पी की जड़ अपने घर में लेकर आएं, गंगाजल से इसे धोकर एक चांदी के डिब्बी में चावल के साथ रखें.इस पर थोड़ी हल्दी लगाकर, धूप और दीप दिखाकर इसे अपनी तिजोरी में रख दें.
सवा किलो आटा, सवा किलो गुड़ को दूध के साथ मिला लें और इसे माढ़ कर इसके पूये बनाएं, इसके बाद इन पुओं का भोग भगवान हनुमान को लगाकर मंदिर के पास ही जरूरतमंदों में बांटने का काम मंगलवार के दिन करें|