Religion Spirituality,धर्म अध्यात्म: दिवाली 2025 का पर्व इस बार 20 अक्टूबर को देशभर में आस्था, उल्लास और दीपों की रौशनी के साथ मनाया जाएगा। माना जाता है कि इस शुभ रात्रि में मां लक्ष्मी पृथ्वी पर भ्रमण करती हैं और उन घरों में वास करती हैं, जहां स्वच्छता, प्रकाश और श्रद्धा हो।
इस दिन अगर विशेष नियमों और स्थानों के अनुसार घर में दीपक जलाए जाएं, तो किस्मत बदलने वाले संयोग बन सकते हैं। शास्त्रों में भी दीपदान को पुन्यकारी और दोष निवारक उपाय बताया गया है।
 दिवाली पर दीपक जलाने के पीछे का महत्व
हिंदू धर्म में दीपक को अंधकार पर प्रकाश की विजय का प्रतीक माना जाता है। यह केवल रोशनी का स्रोत नहीं है, बल्कि नकारात्मक ऊर्जा को समाप्त करके सकारात्मकता को आमंत्रित करता है।
धन की देवी लक्ष्मी, विघ्नहर्ता गणेश और ज्ञान के प्रतीक भगवान विष्णु के पूजन में दीपक का विशेष महत्व है। दीप जलाने से घर की ऊर्जा शुद्ध होती है, और सौभाग्य की शक्तियां घर में प्रवेश करती हैं।
 घर के इन स्थानों पर दीपक ज़रूर जलाएं
1. मुख्य द्वार पर दीपक
दरवाजे के दोनों ओर घी या तेल के दो दीपक जलाएं।
इससे नकारात्मक ऊर्जा का प्रवेश रुकता है और लक्ष्मी का आगमन होता है।
मुख्य द्वार को रंगोली और तोरण से सजाना भी शुभ माना जाता है।
2. तिजोरी या धन स्थान पर दीपक
जहां पर आप पैसे या गहने रखते हैं, उस स्थान पर दीपक जलाएं।
इसे कुबेर दीपक भी कहते हैं।
इस उपाय से धन में वृद्धि होती है और आर्थिक समस्याएं दूर होती हैं।
3. रसोईघर में दीपक
रसोई में तुलसी के पास या स्टोव के पास एक दीपक अवश्य रखें।
यह अन्नपूर्णा माता को प्रसन्न करता है और अन्न-समृद्धि बनी रहती है।
4. तुलसी चौरा में दीपक
तुलसी के पौधे के पास दीपक जलाना पुण्य माना गया है।
यह पारिवारिक सुख, शांति और संतान सुख प्रदान करता है।
5. पूजा स्थान पर दीपक
पूजा घर में देशी घी का दीपक जलाएं और भगवान को समर्पित करें।
यह आत्मिक शांति, सद्बुद्धि और पारिवारिक सौहार्द को बढ़ाता है।
6. छत या बालकनी में दीपक
घर की ऊपरी सतहों या बालकनी में दीपक रखने से घर की आभा दूर तक फैलती है।
ऐसा करने से दिशाओं की शुद्धि होती है और घर में ऊर्जा संतुलित रहती है।
 दीपक जलाने के नियम (Diya Niyam)
दीपक शुद्ध देसी घी या तिल के तेल से जलाएं।
बाती कपास की हो और उसे दक्षिण या पूर्व दिशा में रखें।
दीपक जलाते समय ओम दीपज्योतये नमः मंत्र का जाप करें।
दीपक को कभी फूंक मारकर न बुझाएं।
 जाग्रत होती है सोई हुई किस्मत
ज्योतिषाचार्यों का मानना है कि दिवाली की रात में विशिष्ट स्थानों पर दीप जलाने से ग्रह दोष भी कम होते हैं।
साथ ही, जो लोग जीवन में वित्तीय समस्याओं, करियर रुकावट या पारिवारिक अशांति से जूझ रहे हैं, उन्हें इस पद्धति को ज़रूर अपनाना चाहिए। यह एक सरल लेकिन प्रभावशाली उपाय है जो किस्मत के बंद दरवाज़े खोल सकता है।
दिवाली की रात केवल सजावट या उत्सव का अवसर नहीं है, बल्कि यह आत्मिक शुद्धि और आध्यात्मिक उत्थान का समय भी है।
अगर श्रद्धा और नियमों के अनुसार विशिष्ट स्थानों पर दीपक जलाएं, तो घर में न केवल उजाला होगा, बल्कि जीवन में समृद्धि, स्वास्थ्य और सुख भी आएगा।
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