Religion Spirituality , धर्म अध्यात्म : वैदिक पंचांग के अनुसार, बुधवार, 04 मार्च को पूरे देश में होली का उत्सव मनाया जाएगा। यह त्योहार रंगों और उमंग का प्रतीक है। लोग इस दिन एक-दूसरे पर रंग और गुलाल लगाकर होली की शुभकामनाएं देते हैं। साथ ही, पारंपरिक पकवान और मिठाइयों से एक-दूसरे का मुंह मीठा किया जाता है।
होली केवल रंगों का पर्व ही नहीं, बल्कि भक्ति का भी अवसर है। घर के बड़े स्नान और ध्यान करके अपने आराध्य की पूजा करते हैं। इस दिन देवताओं को गुलाल अर्पित कर उनका आशीर्वाद लिया जाता है। भगवान गणेश की कृपा पाने के लिए भी इस दिन विशेष पूजा की जाती है। पूजा के समय राशि अनुसार मंत्रों का जप करने से शुभ फल की प्राप्ति होती है।
राशि अनुसार मंत्र जप:
मेष: 'ॐ निर्विकाराय नमः' – शुभ कामों में सफलता के लिए
वृषभ: 'ॐ निराहाराय नमः' – गणेश की कृपा के लिए
मिथुन: 'ॐ भद्राय नमः' – कारोबार में उन्नति के लिए
कर्क: 'ॐ मुक्तिदाय नमः' – गणेश को प्रसन्न करने के लिए
सिंह: 'ॐ जयफलप्रदाय नमः' – सूर्य देव को प्रसन्न करने के लिए
कन्या: 'ॐ अमर्त्याय नमः' – सफलता पाने के लिए
तुला: 'ॐ पुष्टिमते नमः' – होली के दिन पूजा में उपयोग
वृश्चिक: 'ॐ दुष्टदूराय नमः' – मनचाही मुराद पूरी करने के लिए
इस होली पर रंग, मिठास और भक्ति का संगम हर घर और दिल में खुशियों की लहर दौड़ाएगा। श्रद्धा और भक्ति भाव के साथ भगवान गणेश का आशीर्वाद प्राप्त करना इस पर्व की खासियत है।