Hanuman Chalisa Chaupai : सनातन धर्म में हनुमान जी ही एकमात्र ऐसे देवता हैं जो इस कलियुग में जागृत रूप में विद्यमान हैं। सप्ताह के दो दिन हनुमान जी महाराज को समर्पित हैं। मंगलवार और शनिवार को भक्त हनुमान जी महाराज की विधि-विधान से पूजा करते हैं और उन्हें प्रसन्न करने के लिए हनुमान चालीसा का पाठ करते हैं। प्रतिदिन हनुमान चालीसा का पाठ करने से जीवन के सभी कष्ट दूर हो जाते हैं। हनुमान चालीसा में गोस्वामी तुलसीदास ने कई ऐसी चौपाइयों का वर्णन किया है, जो अपने आप में बेहद चमत्कारी हैं।
आज हम आपको इस रिपोर्ट में ऐसी ही एक चौपाई के बारे में बताएंगे, जिसका पालन करने से आपको हनुमान जी महाराज के साथ-साथ भगवान राम का भी आशीर्वाद प्राप्त होगा। तो आइए इस रिपोर्ट में विस्तार से समझते हैं। दरअसल, प्रतिदिन हनुमान चालीसा का पाठ करने से भय और जीवन में आने वाले सभी कष्टों से मुक्ति मिलती है। हनुमान चालीसा में गोस्वामी तुलसीदास ने लिखा है 'तुमरे भजन राम को पावे, जनम जनम के दुख बिसरावे'... इस चौपाई में हनुमान जी की भक्ति और भगवान राम के प्रति उनके समर्पण का वर्णन किया गया है। शशिकांत दास इस चौपाई के बारे में विस्तार से बताते हैं कि इसका पालन करने से व्यक्ति जन्म-जन्मांतर के दुखों से मुक्ति पाता है।
तुमरे भजन राम को पावे...अर्थात् जो भी भक्त इस चौपाई का प्रतिदिन पाठ करता है, भगवान राम उस पर अत्यंत प्रसन्न होते हैं। हनुमान जी महाराज सदैव भगवान राम की भक्ति में लीन रहते हैं।
जनम-जनम के दुख बिसराव...अर्थात् भगवान राम के भजन गाने से जन्म-जन्मांतर के दुख दूर हो जाते हैं। इस चौपाई के माध्यम से यह भी बताया गया है कि कैसे भगवान राम के भजन गाने से जन्म-जन्मांतर के दुख दूर हो जाते हैं।
शशिकांत दास बताते हैं कि हनुमान चालीसा की प्रत्येक चौपाई अत्यंत महत्वपूर्ण है, जिसके जाप से सभी प्रकार की मनोकामनाएं पूर्ण होती हैं। हनुमान जी महाराज इस कलियुग में राजा के रूप में विराजमान हैं। हनुमान जी महाराज की पूजा और उनकी चालीसा का पाठ करने से व्यक्ति को जन्म-जन्मांतर के पापों से भी मुक्ति मिलती है।
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