Guru Mangal Ardhkendra Yoga: मकर संक्रांति के दिन दोनों ही अर्द्ध केंद्र योग बनाने वाले हैं. गुरु और मंगल के अर्द्ध केंद्र योग का प्रभाव सभी 12 राशियों पर पड़ेगा, लेकिन कुछ राशियां ऐसी हैं, जिनको इससे हर क्षेत्र में लाभ मिलेगा. आइए जानते हैं वो कौन सी लकी राशियां हैं| ज्योतिष शास्त्र में मंगल और गुरू दोनों महत्वपूर्ण ग्रह माने गए हैं|
ज्योतिष शास्त्र में मंगल और गुरु दो महत्वपूर्ण ग्रह माने गए हैं. मंगल को ग्रहों का सेनापति माना जाता है. ज्योतिष शास्त्र में मंगल साहस, पराक्रम, ऊर्जा, युद्ध, सेना और शौर्य का कारक माने गए हैं|
बृहस्पति को देवताओं का गुरू कहा जाता है. गुरू को धन, विवाह, कल्याण, संतान, ज्ञान, मंत्रणा, दयालु, धार्मिकता, धैर्य और बुद्धिमता का कारक माना गया है|
वैदिक पंचांग के अनुसार, मकर संक्रांति के दिन यानी 14 जनवरी को सुबह 5 बजकर 32 मिनट पर मंगल और गुरू अर्द्ध केंद्र योग बनाएंगे. मतलब ये दोनों एक दूसरे से 45 डिग्री पर होंगे|
मंगल और गुरू द्वारा अर्द्ध केंद्र योग बनाने का प्रभाव ज्योतिष शास्त्र की सभी 12 राशियों पर पड़ेगा. मंगल और गुरू के अर्द्ध केंद्र योग योग बनाने से कुछ राशियों को लाभ ही लाभ होगा|
गुरू और मंगल का अर्द्ध केंद्र योग कन्या राशि के जातकों के लिए विशेष फल देने वाला साबित हो सकता है. कन्या राशि के जातकों के लंबे समय से रुके हुए काम पूरे हो सकते हैं. भाग्य का साथ मिलने वाला है. हर क्षेत्र में सफलता मिल सकती है. पैतृक संपति से लाभ मिल सकता है. सेहत अच्छी बनी रहेगी|
गुरू और मंगल का अर्द्ध केंद्र योग तुला राशि के जातकों के लिए भी लाभकारी साबित हो सकता है. तुला राशि जातक काम को लेकर यात्रा कर सकते हैं. इस यात्रा से अच्छी सफलता मिल सकती है. नौकरी के नए मौके मिल सकते हैं. कारोबार में खूब लाभ हो सकता है. लव लाइफ अच्छी रहेगी. पार्टनर के साथ अच्छा समय बिता सकते हैं|
कुंभ राशि के जातकों के लिए गुरू और मंगल का अर्द्ध केंद्र योग बड़ा ही अनुकूल साबित होने वाला है. आपको मेहनत का फल मिल सकता है. करियर के क्षेत्र में बेहतर संभावनाएं नजर आ सकती हैं. नौकरी में बदलाव के योग भी हैं. कारोबार करने वाले जातकों को अच्छा लाभ मिल सकता है|
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