Guru Gobind Singh 2025: 6 जनवरी को मनाया जाएगा, त्रिपुष्कर योग में शुभ मुहूर्त
Religion Spirituality, धर्म अध्यात्म : सिख धर्म के दसवें गुरु, गुरु गोविंद सिंह जी की जयंती (पार्काश गुरपुरब) इस वर्ष 6 जनवरी 2025 को मनाई जाएगी।
यह दिन उनकी 358वीं जन्म‑वर्षगांठ के रूप में मनाया जाएगा।
भौगोलिक और धार्मिक पंचांग के अनुसार, पौष मास के शुक्ल पक्ष की सप्तमी तिथि 5 जनवरी की रात 8:15 बजे से शुरू होगी और 6 जनवरी की शाम 6:23 बजे तक चलेगी।
ज्योतिष विद्वानों के मुताबिक, इस तिथि पर त्रिपुष्कर योग के शुभ संयोग बन रहे हैं, जो विशेष धार्मिक महत्व रखता है।
गुरु गोविंद सिंह जयंती का महत्व और पवित्रता:
गुरु गोविंद सिंह जी का जीवन साहस, धर्म‑निष्ठा और सेवा की मिसाल रहा है। उन्होंने सिखों के लिए खालसा पंथ की स्थापना की और “संत-सिपाही” का आदर्श स्थापित किया।
इस दिन गुरुद्वारों में कीर्तन, अरदास और अखंड पाठ जैसे धार्मिक आयोजन होते हैं।
साथ ही, लंगर का आयोजन भी किया जाता है, जिसमें समुदाय कि सेवा और एकता का भाव दिखता है।
गुरु गोविंद सिंह के प्रेरणादायक विचारों और उपदेशों को श्रद्धुलु श्रद्धालु स्मरण करते हैं — जैसे कि अहंकार को छोड़ देना, ईश्वर‑भक्ति और अन्याय के खिलाफ साहसपूर्वक लड़ना।
शुभ मुहूर्त (तिथि और योग):
तिथि (Tithi): पौष माह, शुक्ल पक्ष, सप्तमी
शुरुआत: 5 जनवरी, रात 8:15 बजे
समाप्ति: 6 जनवरी, शाम 6:23 बजे
शुभ योग: त्रिपुष्कर योग — इसे धार्मिक दृष्टि से मंगलकारी माना जाता है।
गुरु गोविंद सिंह जी की जयंती न केवल उनके जन्म की वर्षगांठ है, बल्कि उनके जीवन और शिक्षाओं को याद करने और आत्मा में उनकी विरासत को जीवित रखने का दिन है। 6 जनवरी 2025 को त्रिपुष्कर योग में मनाया जाने वाला यह पर्व, सिख समुदाय में श्रद्धा और एकजुटता को बढ़ाता है। भक्तजन गुरुद्वारों में इकट्ठा होकर कीर्तन, पाठ और सेवा‑कार्य करते हैं, और गुरु जी के साहस, न्याय और आत्म‑बलिदान के आदर्शों को जीवन में अपनाने की प्रेरणा लेते हैं।