Gupt Navratri 2026: हिंदू परंपरा में साल में चार बार नवरात्रि मनाई जाती है. इनमें माघ और आषाढ़ मास की नवरात्रि को गुप्त नवरात्रि कहा जाता है. जबकि चैत्र और आश्विन मास की नवरात्रि को प्रकट नवरात्रि माना जाता है. गुप्त नवरात्रि का धार्मिक और आध्यात्मिक महत्व बहुत खास है. इस दौरान मां दुर्गा के नौ स्वरूपों के साथ दस महाविद्याओं की भी उपासना की जाती है. मान्यता है कि इन नौ दिनों में की गई साधना जल्दी फल देती है. घर में शांति बनी रहती है और इच्छाएं पूरी होती हैं. धार्मिक ग्रंथों में आदिशक्ति की आराधना के लिए कई मंत्र बताए गए हैं. इन मंत्रों का जाप अलग-अलग उद्देश्य के लिए किया जाता है|
गुप्त नवरात्रि में करें इन खास मंत्रों का जाप:
मंत्र:
ऊं ऐं ह्रीं क्लीं चामुण्डायै विच्चे.
इसे नवार्ण मंत्र कहा जाता है. इसके जाप से मां दुर्गा की शक्तियां प्रसन्न होती हैं और इच्छाएं पूरी होती हैं|
सुख और समृद्धि के लिए:
मंत्र:
सर्वमंगल मांगल्ये शिवे सर्वार्थ साधिके,
शरण्ये त्र्यंबके गौरी नारायणि नमोस्तुते।
इसका जाप जीवन में खुशहाली और सफलता लाने वाला माना जाता है|
बाधाओं से मुक्ति के लिए:
मंत्र:
ऊं सर्वबाधा विनिर्मुक्तो धन-धान्य सुतान्वितः,
मनुष्यो मत्प्रसादेन भविष्यति न संशयः।
यह मंत्र जीवन की रुकावटों को दूर करने में सहायक माना जाता है|
स्वास्थ्य और आरोग्य के लिए:
मंत्र:
देहि सौभाग्यमारोग्यं देहि मे परमं सुखम्,
रूपं देहि जयं देहि यशो देहि द्विषोजहि।
इसके जाप से स्वास्थ्य लाभ और यश की प्राप्ति होती है|
गुप्त नवरात्रि 2026 पूजा विधि:
माघ मास की गुप्त नवरात्रि में घर पर कलश स्थापना करें. अपनी इच्छा के अनुसार मंत्र का चयन करें. मान्यता है कि रुद्राक्ष की माला से जाप करना शुभ माना जाता है. यदि मंत्र के उच्चारण में संदेह हो, तो किसी योग्य आचार्य की मदद लें|
मान्यता है कि सच्चे मन से मां दुर्गा की पूजा करने से हर काम में सफलता मिलती है. जीवन में सुख और समृद्धि आती है. यह पर्व साधकों, योगियों और तांत्रिकों के लिए विशेष माना जाता है. भले ही इसका नाम गुप्त हो, लेकिन इसकी शक्ति और प्रभाव को गहरा और रहस्यमय बताया गया है|
Tags: