नई दिल्ली: उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने रामचरितमानस के रचयिता और महान संत-कवि गोस्वामी तुलसीदास जी की जयंती पर प्रदेशवासियों को शुभकामनाएं दीं। उन्होंने तुलसीदास को भक्ति परंपरा के महान कवि बताते हुए कहा कि उनकी रचनाओं ने भगवान श्रीराम के आदर्शों, भारतीय संस्कृति और जीवन मूल्यों का संदेश जन-जन तक पहुंचाया।
गोस्वामी तुलसीदास भारतीय साहित्य और भक्ति आंदोलन के सबसे प्रसिद्ध संत कवियों में से एक थे। उनका जन्म 16वीं शताब्दी में उत्तर प्रदेश के राजापुर क्षेत्र में माना जाता है। उनके बचपन का नाम रामबोला बताया जाता है। बाद में गुरु नरहरिदास के मार्गदर्शन में उन्होंने आध्यात्मिक शिक्षा प्राप्त की और तुलसीदास के नाम से प्रसिद्ध हुए।
तुलसीदास जी की सबसे प्रसिद्ध रचना 'रामचरितमानस' है, जिसे उन्होंने अवधी भाषा में लिखा था। यह ग्रंथ भगवान श्रीराम के जीवन, आदर्शों और मर्यादा का वर्णन करता है। रामचरितमानस ने भारतीय समाज और संस्कृति पर गहरा प्रभाव डाला और आज भी घर-घर में इसका पाठ किया जाता है।
इसके अलावा तुलसीदास ने हनुमान चालीसा, विनय पत्रिका, कवितावली, गीतावली और दोहावली जैसी कई महत्वपूर्ण रचनाएं भी कीं। उनकी रचनाओं में भक्ति, नैतिकता, धर्म और मानव जीवन के आदर्शों का सुंदर चित्रण मिलता है।
तुलसीदास जी का जीवन भगवान श्रीराम की भक्ति को समर्पित रहा। उन्होंने संस्कृत की जगह आम लोगों की भाषा में रामकथा लिखकर उसे जन-जन तक पहुंचाया। यही कारण है कि उन्हें हिंदी साहित्य के महानतम कवियों में गिना जाता है।
सीएम योगी आदित्यनाथ ने तुलसीदास जयंती पर संदेश देते हुए कहा कि तुलसीदास जी की अमर रचनाएं समाज को सदैव मार्गदर्शन देती रहेंगी। उन्होंने कहा कि रामचरितमानस केवल धार्मिक ग्रंथ नहीं बल्कि भारतीय संस्कृति और जीवन दर्शन का महत्वपूर्ण आधार है।
तुलसीदास जयंती के अवसर पर देशभर में धार्मिक कार्यक्रम, रामचरितमानस पाठ और भजन-कीर्तन आयोजित किए जाते हैं। श्रद्धालु इस दिन महान संत-कवि को याद कर उनके विचारों और शिक्षाओं का स्मरण करते हैं।
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