Ganesh Chaturthi: गणपति को करना है खुश तो करें नियमों का पालन

Update: 2024-09-07 08:57 GMT
Ganesh Chaturthi ज्योतिष न्यूज़ : हिंदू धर्म में पर्व त्योहारों की कमी नहीं है और सभी का अपना महत्व होता है लेकिन गणेश चतुर्थी को बहुत ही खास माना गया है जो कि गणपति साधना आराधना को समर्पित दिन होता है। हिंदू पंचांग के अनुसार गणेश चतुर्थी का पावन पर्व हर साल भाद्रपद माह के शुक्ल पक्ष की चतुर्थी तिथि पर बड़ी धूमधाम के साथ मनाया जाता है।
आपको बता दें कि भाद्रपद माह में गणेश चतुर्थी से अनंत चतुर्दशी तक भगवान गणेश की पूजा अर्चना का विधान होता है। भाद्रपद का महीना गणपति को समर्पित किया गया है। ऐसे में इस महीने भगवान की आराधना शुभ मानी गई हैं इस साल गणेश चतुर्थी का पावन पर्व 7 सितंबर दिन शनिवार यानी आज देशभर में बड़ी धूमधाम के साथ मनाया जा रहा है। इस दिन गणपति की प्रतिमा स्थापित की जाएगी और व्रत रखा जाएगा। वही बप्पा की विदाई यानी गणेश विसर्जन 17 सितंबर दिन मंगलवार को अनंत चतुर्दशी के दिन हो जाएगा। ऐसे में आज हम आपको गणेश चतुर्थी व्रत पूजा के जरूरी नियम बता रहे हैं।
 गणेश चतुर्थी के जरूरी नियम—
अगर आप गणेश चतुर्थी के दिन निर्जल उपवास कर रहे हैं तो दिनभर भोजन और जल दोनों से परहेज करें। वही अगर आप फलाहार उपवास करते हैं तो इस दौरान आप फल, मेवे और दूध दही आदि का सेवन कर सकते हैं। अगर आपने उपवास किया है तो ऐसे में शारीरिक और मानसिक दोनों तरह की शुद्धता का ध्यान रखें।
 नकारात्मक विचारों को उत्पन्न न होने दें। इस दिन पूजा पाठ और जप आदि में अपना समय व्यतीत करें। इसके अलावा गणेश चतुर्थी पर भूलकर भी तामसिक चीजों का सेवन न करें। इसके अलावा लहसुन प्याज का सेवन करने से बचना चाहिए। अगर हो सकें तो आप इस दिन सादा और हल्का भोजन करें। गणेश चतुर्थी के उपवास में आप सेंधा नमक का प्रयोग कर सकते हैं।
 अगर आप गणेश प्रतिमा घर में स्थापित करते हैं तो घर में बनने वाले भोजन को सबसे पहले श्री गणेश को भोग लगाएं और पूरे दस दिनों तक मांस, मदिरा और लहसुन प्याज का सेवन न करें। इस दिन वाद विवाद करने से बचें किसी को अपशब्द न कहें।
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