मार्गशीर्ष माह में जरूर करें ये तीन काम, जाने बेहद पुण्यदायी है
मार्गशीर्ष के महीने को शास्त्रों में बेहद पुण्यदायी माह कहा गया है. ये महीना भगवान श्रीकृष्ण को समर्पित होता है. 20 नवंबर से मार्गशीर्ष माह की शुरुआत हो चुकी है. इसमें कुछ विशेष कार्यों को करना पुण्यदायी माना गया है.
जनता से रिश्ता वेबडेस्क। हिंदू पंचांग के अनुसार मार्गशीर्ष मास (Margashirsh Mass) साल का नौंवा महीना माना जाता है. इसे अग्रहायण (Agrahayana Mass) या अगहन मास (Aghan Mass) के नाम से भी जाना जाता है. जिस तरह से सावन का महीना भगवान शिव को, कार्तिक का महीना भगवान विष्णु को समर्पित होता है, उसी तरह मार्गशीर्ष का महीना श्रीकृष्ण की भक्ति के लिए उत्तम माना गया है.
गीता में श्रीकृष्ण ने स्वयं को मार्गशीर्ष माह बताया है.
इसके अलावा मार्गशीर्ष के महीने में ही दो प्रमुख विवाह भी हुए थे, एक शिव विवाह और दूसरा श्रीराम विवाह. ये भी मान्यता है कि पहले के समय में साल की शुरुआत इसी माह से होती थी. कुल मिलाकर देखा जाए तो मार्गशीर्ष का महीना बहुत पुण्यदायी है. 20 नवंबर से मार्गशीर्ष माह की शुरुआत हो चुकी है. इस माह में कुछ विशेष काम करने से आपके भगवान श्रीकृष्ण की कृपा प्राप्त होती है और आपके जीवन के तमाम दुखों का अंत हो जाता है. यहां जानिए ऐसे तीन कामों के बारे में जिन्हें हर किसी को इस माह में जरूर करना चाहिए.
भगवान कृष्ण को बेहद प्रिय यह महीना
स्कन्दपुराण के वैष्णवखण्ड के अनुसार भगवान श्रीकृष्ण ने इस माह को अपना प्रिय महीना बताया है. साथ ही इस दौरान सुबह जल्दी उठकर स्नान करने और पूजन करने का जिक्र किया है. इस माह में नदी के स्नान के महत्व को भी बताया गया है. आप चाहें तो रोजाना जल में कुछ बूंदें गंगा जल की डालकर स्नान कर सकते हैं. मान्यता है कि इससे श्रीकृष्ण अति प्रसन्न होते हैं. इस माह की सप्तमी और अष्टमी तिथि को मंगलकार्य करने की मनाही है. इन्हें मास शून्य तिथियां माना जाता है.
महाभारत में बताए गए हैं इस माह के लाभ
महाभारत के अनुशासन पर्व के एक अध्याय में कहा गया है कि मार्गशीर्ष माह में व्यक्ति को एक समय भोजन करना चाहिए और ब्राह्मण को अपनी सामर्थ्य के अनुसार भोजन कराना चाहिए. जो व्यक्ति ऐसा करता है, वो तमाम रोगों और पापों से मुक्त हो जाता है. यदि व्यक्ति इस महीने में व्रत रखे तो निरोगी और बलवान बनता है. ऐसे व्यक्ति के लिए अगला जन्म भी सुखद हो जाता है. उसकी जीवन धन और धान्य से परिपूर्ण रहता है.
चांदी और अन्न का दान करें
इस महीने में चांदी के दान को भी श्रेष्ठ माना गया है. मान्यता है कि ऐसा करने से यौन संबन्धी समस्याएं दूर होती हैं. वीर्य वृद्धि होती है और व्यक्ति बलवान होता है. वहीं अन्न का दान करने से हर मनवांछित कामना पूर्ण होती है और अनेकों दुखों का नाश हो जाता है.