Devshayani Ekadashi 2025: देवशयनी एकादशी 6 जुलाई को है. ये वह दिन होता है जब भगवान विष्णु 4 महीनों के लिए योग निद्रा में चले जाते हैं. भक्तों के लिए ये दिन बेहद खास होता है. सनातन को मानने वाले एकादशी की महिमा को भली-भांति जानते हैं. वेदों और पुराणों में भी एकादशी व्रत के महत्व को बताया गया है|
इस बार देवशयनी एकादशी पर कई शुभ संयोग भी बना रहे हैं. इस बार गुरु आदित्य योग का निर्माण हो रहा है साथ ही इसे शुभ योग, साध्य योग, त्रिपुष्कर योग और रवि योग का भी सहयोग मिल रहा है, जिससे यह तिथि और भी शुभ हो जाती है|
इस दिन भगवान विष्णु और माता लक्ष्मी की पूजा का विधान है. इस दिन आप पांच सरल से उपाय करके कैसे भगवान विष्णु और माता लक्ष्मी की कृपा प्राप्त कर सकते हैं और अपनी किस्मत को चमका सकते हैं. माना जाता है कि इन उपायों को करने से आपके जीवन में आर्थिक समस्याओं का निदान होता है. कहा जाता है कि देवशयनी एकादशी के व्रत और पूजा से दुर्घटना के योग भी समाप्त हो जाते हैं. चलिए जानते हैं क्या है वो उपाय|
एकादशी के दिव्य उपाय:
पहला उपाय:
एकादशी के दिन आपको सुबह नहा धोकर पीले वस्त्र को धारण करना है और नीले और काले वस्त्रों को पहनने से बचना है. भगवान को पीतांबर धारी कहा जाता है यानी की भगवान विष्णु को पीले वस्त्र अत्यंत प्रिय है तो इस दिन आप पीले वस्त्र को धारण करें और भगवान को पीला ही भोग अर्पित करें. इससे आपको भगवान विष्णु की कृपा जरूर प्राप्त होगी|
दूसरा उपाय:
दूसरा उपाय केसर से जुड़ा है, माता लक्ष्मी को केसर अत्यंत प्रिय है. उसका रंग पीला होता है इसलिए वह भगवान विष्णु को भी प्रिय है. इस दिन आप हथेली केसर की कुछ कलियों को रखकर अपनी अनामिका उंगली से केसर की कलियों पर थोड़ा गंगाजल, थोड़ा गुलाब जल, और थोड़ा चंदन मिलाकर घिसे. इस तिलक को कंठ पर, अपने मस्तक पर और अपनी जीभ पर धारण करें. माना जाता है कि इस उपाय को करने से गुरु बृहस्पति भी आपको शुभ फल देते हैं|
तीसरा उपाय:
इस दिन आपको माता तुलसी की पूजा करनी है. तुलसी भगवान विष्णु की प्रिय हैं. उन्हें लक्ष्मी का स्वरूप माना जाता है. इस दिन माता तुलसी की पूजा करने का विधान है. उनकी पूजा करें, देसी घी का दीपक जलाएं और तुलसी की 11 परिक्रमा करें. ऐसा करने से आपकी परेशानियां दूर हो जाएंगी और आर्थिक स्थितियां सुधर जाएंगी|
इस दिन आपको भगवान विष्णु को पीले फूल अर्पित करने हैं और माता लक्ष्मी को गुलाब के फूल. याद रखें यह फूल बासी या मुरझाये ना हो|
पांचवा उपाय:
इस दिन का पांचवा दिव्य उपाय है कि शाम की गोधूलि बेला में आप एक चौमुखी दीपक बनाएं. आटे के दीपक में कलावे की बातियां लगाएं. इसे गाय के घी से भरें. शाम के समय इसे अपने घर के मुख्य द्वार पर रख दें. ऐसा करने से आपके घर में आ रही परेशानियों और दिक्कतें दूर हो जाएंगी|
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