चार धाम यात्रा स्थगित, पहाड़ों में मूसलाधार बारिश के चलते प्रशासन ने जारी की चेतावनी

केदारनाथ-बद्रीनाथ मार्ग पर संकट

Update: 2026-07-21 04:20 GMT
उत्तराखंड में लगातार हो रही भारी बारिश के कारण प्रशासन ने चार धाम यात्रा को कुछ समय के लिए रोक दिया है। बारिश की वजह से तीर्थयात्रा के रास्तों पर भूस्खलन और सड़कें बंद होने का खतरा काफी बढ़ गया है। यह फैसला केदारनाथ, बद्रीनाथ, गंगोत्री और यमुनोत्री के पवित्र धामों की यात्रा कर रहे हज़ारों तीर्थयात्रियों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए एहतियात के तौर पर लिया गया है। यह कदम लगातार बारिश और भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) द्वारा जारी रेड और ऑरेंज अलर्ट को देखते हुए उठाया गया है।
उत्तराखंड में चार धाम यात्रा स्थगित
अधिकारियों के अनुसार, भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने उत्तराखंड के कई जिलों में भारी से बहुत भारी बारिश की चेतावनी जारी की है। लगातार बारिश के कारण कई जगहों पर भूस्खलन हुआ है, सड़कों का संपर्क टूट गया है और पहाड़ी ढलानों की स्थिरता को लेकर चिंता बढ़ गई है। अधिकारियों ने तीर्थयात्रियों को सलाह दी है कि वे मौसम ठीक होने तक अपनी यात्रा टाल दें।


गढ़वाल कमिश्नर ने सभी संबंधित जिलाधिकारियों और अधिकारियों को निर्देश दिया है कि वे यह सुनिश्चित करें कि जो तीर्थयात्री पहले से ही रास्ते में हैं, उन्हें सुरक्षित जगहों पर ठहराया जाए। उन्हें यह भी निर्देश दिया गया है कि तीर्थयात्रियों को आगे की यात्रा तभी करने दें जब रास्ते पूरी तरह सुरक्षित घोषित कर दिए जाएं।
चार धाम यात्रा के बारे में
चार धाम यात्रा भारत की सबसे महत्वपूर्ण हिंदू तीर्थयात्राओं में से एक है, जो हर साल लाखों भक्तों को आकर्षित करती है। ये चार धाम हिमालय क्षेत्र में स्थित हैं, जहाँ मानसून की बारिश के कारण अक्सर अचानक बाढ़ (flash floods), भूस्खलन और सड़कें बंद होने जैसी समस्याएं होती हैं। मानसून के मौसम में, अधिकारी मौसम की स्थिति पर कड़ी नज़र रखते हैं और जोखिम को कम करने के लिए नियमित रूप से यात्रा संबंधी सलाह जारी करते हैं।
रुद्रप्रयाग हाई अलर्ट पर
प्रशासन के अनुसार, रुद्रप्रयाग जिले में लगातार बारिश के कारण अलकनंदा और मंदाकिनी नदियों के जलस्तर में तेज़ी से बढ़ोतरी हुई है और दोनों नदियाँ अपने चेतावनी स्तर के करीब पहुँच गई हैं। जलस्तर बढ़ने के कारण नमामि गंगे परियोजना के तहत बनाए गए घाट पानी में डूब गए हैं। पिछले 24 घंटों में रुद्रप्रयाग में 22 मिमी बारिश दर्ज की गई, जबकि ऊखीमठ में 77 मिमी और जखोली में 53 मिमी बारिश हुई।
जोखिम वाले इलाकों में आपदा प्रतिक्रिया टीमें तैनात की गई हैं, जिनमें नेशनल डिजास्टर रिस्पॉन्स फोर्स (NDRF), स्टेट डिजास्टर रिस्पॉन्स फोर्स (SDRF), पुलिस और स्थानीय प्रशासन के जवान शामिल हैं। जिन जगहों पर भूस्खलन की वजह से हाईवे बंद हो गए हैं, वहां सड़क साफ करने का काम चल रहा है। साथ ही, अधिकारी नदियों और नालों में पानी का स्तर अचानक बढ़ने पर नज़र रखे हुए हैं।
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