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इतिहास से कारोबार तक: सरदार पटेल के भाई की कंपनी ने बनाया ₹55,000 करोड़ का बिजनेस एम्पायर

nidhi
21 July 2026 7:08 AM IST
इतिहास से कारोबार तक: सरदार पटेल के भाई की कंपनी ने बनाया ₹55,000 करोड़ का बिजनेस एम्पायर
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सरदार पटेल के भाई की कंपनी ने बनाया ₹55,000 करोड़ का बिजनेस एम्पायर

New Delhi: भारत के लौह पुरुष सरदार वल्लभभाई पटेल का नाम देश के राजनीतिक इतिहास में स्वर्ण अक्षरों में दर्ज है, लेकिन बहुत कम लोग जानते हैं कि उनके परिवार का एक हिस्सा भारतीय उद्योग जगत में भी अपनी अलग पहचान बना चुका है। सरदार पटेल के बड़े भाई सोमाभाई पटेल द्वारा शुरू किए गए पारिवारिक कारोबार ने समय के साथ एक विशाल औद्योगिक समूह का रूप ले लिया। आज यह समूह करीब ₹55,000 करोड़ के कारोबार और बाजार मूल्य के साथ देश की प्रमुख कंपनियों में शामिल है, जबकि परिवार की तीसरी पीढ़ी के दोनों पोते अरबपतियों की सूची में गिने जाते हैं।

यह कहानी है निरमा (Nirma Group) की, जिसकी शुरुआत एक छोटे स्तर के व्यवसाय से हुई और जिसने भारतीय उपभोक्ता बाजार में अपनी मजबूत पहचान बनाई।
छोटे कारोबार से शुरू हुआ सफर
निरमा समूह की सफलता के पीछे वर्षों की मेहनत, दूरदृष्टि और उद्यमिता की कहानी है। शुरुआत में सीमित संसाधनों के साथ शुरू हुआ यह व्यवसाय धीरे-धीरे डिटर्जेंट, साबुन, सीमेंट, रसायन और शिक्षा जैसे कई क्षेत्रों में फैलता गया।
आज समूह का कारोबार देशभर में फैला हुआ है और इसके उत्पाद करोड़ों भारतीय उपभोक्ताओं तक पहुंचते हैं।
कैसे बना हजारों करोड़ का बिजनेस?
निरमा ने सबसे पहले कम कीमत में गुणवत्तापूर्ण डिटर्जेंट उपलब्ध कराकर बाजार में अपनी अलग पहचान बनाई। उस समय बाजार पर बहुराष्ट्रीय कंपनियों का दबदबा था, लेकिन निरमा ने किफायती कीमत और व्यापक वितरण नेटवर्क के दम पर तेजी से लोकप्रियता हासिल की।
समय के साथ कंपनी ने अपने उत्पादों का दायरा बढ़ाया और कई नए क्षेत्रों में निवेश किया। आज समूह डिटर्जेंट, साबुन, सोडा ऐश, सीमेंट, केमिकल्स और शिक्षा संस्थानों का संचालन करता है।
₹55,000 करोड़ का साम्राज्य
वर्तमान में समूह का संयुक्त कारोबार और विभिन्न कंपनियों का कुल मूल्य लगभग ₹55,000 करोड़ के आसपास माना जाता है। कंपनी ने घरेलू बाजार के साथ-साथ अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी अपनी उपस्थिति मजबूत की है।
समूह के विभिन्न व्यवसाय हजारों लोगों को रोजगार उपलब्ध करा रहे हैं और भारतीय विनिर्माण क्षेत्र में महत्वपूर्ण योगदान दे रहे हैं।
दोनों पोते बने अरबपति
परिवार की तीसरी पीढ़ी ने भी कारोबार को आगे बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। आधुनिक प्रबंधन, नई तकनीक और विस्तार की रणनीति के दम पर समूह लगातार विकास कर रहा है।
व्यापार जगत में परिवार के दोनों पोते सफल उद्योगपतियों के रूप में जाने जाते हैं और उनकी संपत्ति अरबों डॉलर के बराबर आंकी जाती है, जिसके कारण वे भारत के प्रमुख अरबपतियों में शामिल हैं।
शिक्षा और सामाजिक क्षेत्र में भी योगदान
निरमा समूह ने केवल उद्योग क्षेत्र में ही नहीं बल्कि शिक्षा के क्षेत्र में भी महत्वपूर्ण योगदान दिया है। समूह द्वारा स्थापित विश्वविद्यालय और अन्य शैक्षणिक संस्थान उच्च शिक्षा के क्षेत्र में अपनी पहचान बना चुके हैं।
इसके अलावा सामाजिक विकास, स्वास्थ्य और सामुदायिक कल्याण से जुड़े कई कार्यक्रमों में भी समूह सक्रिय भूमिका निभाता है।
सफलता की मिसाल
एक छोटे पारिवारिक व्यवसाय से शुरू होकर हजारों करोड़ रुपये के औद्योगिक समूह तक पहुंचने की यह यात्रा भारतीय उद्यमिता की प्रेरणादायक कहानी मानी जाती है। सही रणनीति, गुणवत्ता, ग्राहकों का भरोसा और लगातार नवाचार ने इस कारोबार को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाया।
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