Chandra Grahan 2025: चंद्र ग्रहण के दौरान किन मंत्रों का जाप करना चाहिए

Update: 2025-09-04 04:25 GMT
Chandra Grahan 2025: साल का आखिरी चंद्र ग्रहण 7 सितंबर 2025 को लगने जा रहा है। इस दिन दोपहर में सूतक काल शुरू हो जाएगा। वहीं, 8 सितंबर को दोपहर 1:26 बजे ग्रहण के साथ इसकी समाप्ति होगी। चंद्र ग्रहण के दौरान पूजा-पाठ आदि नहीं किया जाता है, लेकिन इस समय मंत्र जाप करना लाभकारी होता है।
हिंदू पंचांग के अनुसार, भाद्रपद पूर्णिमा 7 सितंबर 2025 को है। इसी दिन से पितरों को समर्पित पितृ पक्ष भी शुरू हो रहा है। इस दौरान पितरों का श्राद्ध और तर्पण भी किया जाता है। साथ ही, साल का दूसरा चंद्र ग्रहण भी भाद्रपद पूर्णिमा को लगने जा रहा है।
ज्योतिष के अनुसार, यह साल का आखिरी चंद्र ग्रहण होगा जो भारत में दिखाई देगा। ऐसे में इसका सूतक काल भी मान्य होगा। धार्मिक मान्यता है कि चंद्र ग्रहण के दौरान पृथ्वी पर राहु और केतु का प्रभाव अधिक बढ़ जाता है।
इस चंद्र ग्रहण का सूतक 9 घंटे पहले ही शुरू हो जाएगा। ग्रहण के सूतक काल में पूजा-पाठ और शुभ या मांगलिक कार्य करना वर्जित होता है। हालाँकि, चंद्र ग्रहण के दौरान मंत्रों का जाप करना उचित होता है।
चंद्र ग्रहण के दौरान आप "ॐ श्रां श्रीं श्रौं सः चन्द्रमसे नमः" या "ॐ सोमाय नमः" जैसे चंद्र-दोष निवारक मंत्रों का जाप कर सकते हैं, जि
ससे अशुभ प्रभावों से
बचा जा सकता है। इसके अलावा, चंद्र ग्रहण के दौरान "ॐ नमः शिवाय" और "ॐ चन्द्रमसे नमः" जैसे मंत्रों का जाप भी किया जा सकता है।
धार्मिक मान्यता के अनुसार, चंद्र ग्रहण के दौरान चंद्र देव के 108 नामों का जाप करना भी बहुत लाभकारी माना जाता है। यदि आप चंद्र ग्रहण में चंद्र देव के 108 मंत्रों के नामों का जाप करते हैं, तो कुंडली में चंद्रमा की स्थिति मजबूत होती है।
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