Chandra Grahan 2025: 100 साल बाद दुर्लभ चंद्र ग्रहण, आज इस टाइम से हो जाएं सावधान

Update: 2025-09-07 03:20 GMT
Chandra Grahan 2025: साल का दूसरा चंद्र ग्रहण रविवार (7 सितंबर) की रात को लगने जा रहा है। यह चंद्र ग्रहण बेहद खास है। लेकिन क्या आप जानते हैं कि चंद्र ग्रहण क्यों लगता है और इस दौरान क्या ज़रूरी सावधानियां बरतनी चाहिए? तो आइए जानते हैं चंद्र ग्रहण से जुड़ी सभी बातें विस्तार से।
वैज्ञानिकों के अनुसार, जब पृथ्वी सूर्य और चंद्रमा के बीच आ जाती है, तो चंद्रमा तक पहुँचने वाली रोशनी रुक जाती है। इस वजह से चंद्रमा लाल दिखाई देता है, जिसे ब्लड मून कहते हैं। यह ग्रहण पितृ पक्ष के समय लग रहा है, इसलिए इसे 100 साल में एक बार होने वाला एक विशेष संयोग माना जा रहा है।
धार्मिक मान्यताएँ:
सनातन धर्म में ग्रहण को अशुभ समय माना जाता है। इस दौरान मंदिर बंद कर दिए जाते हैं और शुभ कार्य नहीं किए जाते हैं। ग्रहण समाप्त होने के बाद, मंदिरों की सफाई की जाती है, स्नान कराया जाता है और पूजा-अर्चना की जाती है। खाने में तुलसी डालकर उसे सुरक्षित रखा जाता है क्योंकि ऐसा माना जाता है कि ग्रहण के दौरान सूक्ष्म जीव सक्रिय हो जाते हैं। साथ ही, मंत्रों का प्रभाव कई गुना बढ़ जाता है। इसलिए महामृत्युंजय, गायत्री मंत्र या भगवान के नाम का जाप करना लाभकारी माना जाता है।
सूतक काल और समय:
इस बार सूतक ग्रहण शुरू होने से 9 घंटे पहले यानी दोपहर से ही शुरू हो जाएगा। चंद्र ग्रहण रात 9:58 बजे से शुरू होकर 8 सितंबर को दोपहर 1:26 बजे तक रहेगा। रक्तिम चंद्रमा का नजारा रात 11 बजे से 12:20 बजे तक दिखाई देगा।
गर्भवती महिलाओं के लिए सावधानियां:
ग्रहण के दौरान गर्भवती महिलाओं को घर के अंदर रहना चाहिए। नुकीली वस्तुओं का इस्तेमाल नहीं करना चाहिए और सोने से बचना चाहिए। ध्यान, भजन और प्रार्थना करना सर्वोत्तम माना जाता है।
ग्रहण समाप्त होने के बाद गंगाजल से स्नान करें, स्वच्छ वस्त्र पहनें, घर की सफाई करें और ज़रूरतमंदों को भोजन और वस्त्र दान करें। इससे आध्यात्मिक शांति और सकारात्मक ऊर्जा मिलती है।
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