Chandra Dev Stuti: सोमवार को करें चंद्र देव के इन नामों का जाप, पूरी होंगी मनोकामनाएं
Chandra Dev Stuti: घर में बैठे मन बेचैन हो रहा है और पूजा-पाठ में भी मन नहीं लग रहा है। साथ ही भावनाएं डगमगाने लगे और सोच नकारात्मकता की ओर जाने लगे तो समझिए कि आपको चंद्रदेव की कृपा की जरूरत है। इसका यह भी मतलब होता है कि आपकी कुंडली से चंद्रमा या फिर चंद्र देव कमजोर हैं। बता दें कि चंद्रमा, जो हमारे मन, भावनाओं और मानसिक संतुलन के अधिपति माने जाते हैं, उनकी पूजा विशेष रूप से सोमवार को फलदायी मानी जाती है। ज्योतिष शास्त्र की मानें तो अगर सोमवार को चंद्रदेव के विशेष नामों का स्मरण किया जाए, तो मन शांत होता है और भाग्य मजबूत बनता है। यह साधना न केवल मानसिक शांति देती है, बल्कि चंद्र ग्रह के दोषों को भी दूर करती है। तो आज की इस खबर में हम आपको चंद्रदेव के 12 नामों के बारे में बताने जा रहे हैं, जिनके जाप से आपको मन की शांति मिलेगी और पूजा-पाठ में भी आपका मन लगेगा। आइए जानते हैं।
चंद्रदेव के 12 दिव्य नाम
चंद्रदेव के इन नामों का जाप करने से पहले सोमवार यानी महादेव के इस दिन की सुबह स्नान कर स्वच्छ वस्त्र धारण करें और श्रद्धा पूर्वक इन 12 नामों का उच्चारण करें, जो इस प्रकार है।
सुधाकर – इस नाम का अर्थ होता है अमृत प्रदान करने वाले।
सोम – सोम नाम का मतलब सोमरस के स्वामी होता है।
रोहिणी प्रिय – चंद्र देव के इस नाम का अर्थ होता है, जिसे रोहिणी नक्षत्र प्रिय हो।
चन्द्रमा – इस नाम का अर्थ काफी साफ हैं। इसका मतलब होता है शीतल और मनभावन।
ग्लौ – ग्लौ नाम का अर्थ होता है तेजस्वी, ज्योतिर्मय।
सुधांशु – इस नाम का मतलब होता है अमृत-प्रकाश वाले
द्विजराज – इस नाम का मतलब ब्राह्मणों के राजा होता है
शीतांशु – शीतांशु नाम का मतलब शीतल किरणों से युक्त होता है।
कुमारगुरु – कुमारगुरु नाम का मतलब होता है देवसेनापति कार्तिकेय के गुरु।
हिमांशु – हिमांशि नाम का मतलब होता है हिम के समान निर्मल।
निशापति – रात्रि के अधिपति को निशापति कहते हैं।
कलानिधि – सोलह कलाओं के स्वामी को कलानिधि कहते हैं।
इन विधियों से करें चंद्र देव को प्रसन्न
आपको बता दें कि इन नामों का स्मरण चंद्र दोष को शमन करता है, साथ ही जीवन में मानसिक सुकून और स्थिरता लाता है। अगर आपकी कुंडली में चंद्रमा दुर्बल है, या आप मानसिक शांति पाना चाहते हैं, तो इन उपायों को सोमवार के दिन जरूर करें। जैसे- सफेद वस्त्र पहनें और सुगंधित इत्र लगाएं। इसके साथ ही शिवलिंग पर कच्चा दूध और जल अर्पित करें और सफेद मिठाई, चावल, और दूध का दान करें। यही नहीं, चंद्रमा को अर्घ्य दें और 'ॐ चन्द्राय नमः' या 'ॐ सोम सोमाय नमः' का जाप करें। इससे आपकी सारी मनोकामनाएं पूरी होंगी।