Chaitra Pradosh Vrat 2025: चैत्र मास के अंतिम प्रदोष व्रत पर करें इस स्तोत्र का पाठ, दूर होगी पैसों की तंगी

Update: 2025-04-07 03:23 GMT
Chaitra Pradosh Vrat 2025: वैदिक पंचांग के अनुसार, 10 अप्रैल 2025 चैत्र माह के शुक्ल पक्ष का प्रदोष व्रत है. गुरुवार के दिन पड़ने के कारण इसे गुरु प्रदोष व्रत कहा जाएगा. यह व्रत हर माह के कृष्ण और शुक्ल पक्ष की त्रयोदशी तिथि पर रखा जाता है. इस दिन भगवान शिव और मां पार्वती की पूजा की जाती है. साथ ही, सभी परेशानियों से निजात पाने के लिए भक्त त्रयोदशी के दिन व्रत भी रखते हैं|
शिव पुराण के अनुसार, प्रदोष व्रत के दिन भगवान शिव और मां पार्वती की पूजा-अर्चना करने से व्यक्ति की हर मनोकामना पूरी होती है. साथ ही, जीवन में सुखों की प्राप्ति होती है. ज्योतिष जीवन में सभी दुखों से छुटकारा पाने के लिए भगवान शिव की पूजा करने की सलाह देते हैं|
ऐसे में अगर आप भी आर्थिक तंगी से मुक्ति पाना चाहते हैं, तो गुरु प्रदोष व्रत के दिन आपको महादेव की पूजा करनी चाहिए और पूजा के समय गन्ने के रस से भोलेनाथ का अभिषेक करना चाहिए. वहीं, पूजा के समय दारिद्र्य दहन शिव स्तोत्र का पाठ जरूर करें. धार्मिक मान्यता है कि इस स्तोत्र का पाठ करने से हर एक परेशानी दूर हो जाती है|
दारिद्र्य दहन शिव स्तोत्र :
विश्वेश्वराय नरकार्णवतारणाय कर्णामृताय शशिशेखरधारणाय ।
कर्पूरकान्तिधवलाय जटाधराय दारिद्र्यदुःखदहनाय नमः शिवाय ॥
गौरीप्रियाय रजनीशकलाधराय कालान्तकाय भुजगाधिपकङ्कणाय ।
गङ्गाधराय गजराजविमर्दनाय दारिद्र्यदुःखदहनाय नमः शिवाय ॥
भक्तप्रियाय भवरोगभयापहाय उग्राय दुर्गभवसागरतारणाय ।
ज्योतिर्मयाय गुणनामसुकृत्यकाय दारिद्र्यदुःखदहनाय नमः शिवाय ॥
चर्मांबराय शवभस्मविलेपनाय भालेक्षणाय मणिकुण्डलमण्डिताय ।
मंजीरपादयुगलाय जटाधराय दारिद्र्यदुःखदहनाय नमः शिवाय ॥
पञ्चाननाय फणिराजविभूषणाय हेमांशुकाय भुवनत्रय मण्डिताय ।
आनन्दभूमिवरदाय तमोमयाय दारिद्र्यदुःखदहनाय नमः शिवाय ॥
गौरीविलासभवनाय महेश्वराय पञ्चाननाय शरणागतकल्पकाय ।
शर्वाय सर्वजगतामधिपाय तस्मै दारिद्र्यदुःखदहनाय नमः शिवाय ॥
भानुप्रियाय भवसागरतारणाय कालान्तकाय कमलासनपूजिताय ।
नेत्रत्रयाय शुभलक्षणलक्षिताय दारिद्र्यदुःखदहनाय नमः शिवाय ॥
रामप्रियाय राघुनाथवरप्रदाय नागप्रियाय नरकार्णवतारणाय ।
पुण्येषु पुण्यभरिताय सुरार्चिताय दारिद्र्यदुःखदहनाय नमः शिवाय ॥
मुक्तेश्वराय फलदाय गणेश्वराय गीतप्रियाय वृषभेश्वरवाहनाय ।
मातङ्गचर्मवसनाय महेश्वराय दारिद्र्यदुःखदहनाय नमः शिवाय ॥
वसिष्ठेनकृतं स्तोत्रं सर्व दारिद्र्यनाशनम्
सर्वसंपत्करं शीघ्रं पुत्रपौत्रादिवर्धनम् ॥
दारिद्र्य दहन शिव स्तोत्र के लाभ:
धार्मिक मान्यता के अनुसार दारिद्र्य दहन शिव स्तोत्र का पाठ करने से कई लाभ होते हैं:-
दारिद्र्य दहन शिव स्तोत्र का पाठ करने से दरिद्रता दूर होती है.
दारिद्र्य दहन शिव स्तोत्र का पाठ करने से धन-वैभव की प्राप्ति होती है.
दारिद्र्य दहन शिव स्तोत्र का पाठ करने से जीवन में खुशहाली आती है.
दारिद्र्य दहन शिव स्तोत्र का पाठ करने से कारोबार में तरक्की होती है.
दारिद्र्य दहन शिव स्तोत्र का पाठ करने से कर्ज से छुटकारा मिलता है.
दारिद्र्य दहन शिव स्तोत्र का पाठ करने से दुर्भाग्य का नाश होता है
दारिद्र्य दहन शिव स्तोत्र का पाठ करने से नकारात्मक ऊर्जाएं दूर होती हैं
दारिद्र्य दहन शिव स्तोत्र का पाठ करने से अपार शक्ति मिलती है.
इस स्तोत्र का पाठ करने से सौंदर्य और मानसिक शक्ति मिलती है.
दारिद्र्य दहन शिव स्तोत्र का पाठ करने से भगवान शिव की कृपा मिलती है|
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