Mahashivratri ज्योतिष न्यूज़ : सनातन धर्म में कई सारे व्रत त्योहार पड़ते हैं और सभी का अपना महत्व भी होता है लेकिन महाशिवरात्रि को बहुत ही खास माना जाता है जो कि शिव को समर्पित दिन है इस दिन भक्त भगवान भोलेनाथ की विधिवत पूजा करते हैं और व्रत आदि भी रखते हैं।
मान्यता है कि इस पावन दिन पर शिव साधना करने से प्रभु की असीम कृपा बरसती है और दुख परेशानियां दूर हो जाती है। इस साल महाशिवरात्रि का पर्व 26 फरवरी दिन बुधवार को मनाया जाएगा। इस दिन भद्रा काल भी लग रहा है तो आज हम आपको अपने इस लेख द्वारा शिव पूजा का मुहूर्त बता रहे हैं तो आइए जानते हैं।
कब से कब तक रहेगी भद्रा—
आपको बता दें कि 26 फरवरी को सुबह 11 बजकर 8 मिनट से लेकर देर रात 10 बजकर 5 मिनट तक यानी करीब 11 घंटे तक भद्रा काल रहेगा। मान्यताओं के अनुसार भद्रा काल के दौरान कोई भी शुभ व मांगलिक कार्य करना वर्जित होता है।
क्योंकि इस समय को अशुभ माना गया है। इस बार महाशिवरात्रि के दिन भद्रा का वास पाताल लोक में होगा। जिसके कारण महादेव की पूजा पर भद्रा का अशुभ साया नहीं पड़ेगा। इसलिए 26 फरवरी को पूरे दिन शिव पूजा की जा सकेगी।
 शिव पूजा का शुभ मुहूर्त
महाशिवरात्रि की रात जो लोग चार प्रहर में शिव का अभिषेक व पूजन करते हैं उनके जीवन के समस्त संकट दूर हो जाते हैं। मान्यता है कि इस दिन निशिता काल में जलाभिषेक करना शुभ होता है। हिंदू पंचांग के अनुसार फाल्गुन मास के शुक्ल पक्ष की चतुर्दशी तिथि 26 फरवरी 2025 को सुबह 11 बजकर 8 मिनट से 27 फरवरी को सुबह 8 बजकर 54 मिनट तक रहेगी। वही महाशिवरात्रि पर निािता काल पूजा 26 फरवरी को देर रात 12 बजकर 9 मिनट से रात 12 बजकर 59 मिनट तक रहेगा। इस मुहूर्त में रात्रि पूजन करना लाभकारी होगा।
Tags: