Benefits of conch : जानिए पूजा में शंख बजाने का लाभ
सनातन परंपरा में शंख को अत्यंत पवित्र और पूजनीय माना गया है
सनातन परंपरा में शंख को अत्यंत पवित्र और पूजनीय माना गया है. पौराणिक मान्यता के अनुसार शंख की उत्पत्ति समुद्र मंथन से निकले चौदह अनमोल रत्नों के साथ हुई थी. धन की देवी माता लक्ष्मी के साथ उत्पन्न होने के कारण इसे लक्ष्मी का भाई भी कहा जाता है. मान्यता है कि जिस घर में शंख होता है, वहां हमेशा माता लक्ष्मी का वास बना रहता है. शंख को सूर्य व चंद्र के समान देवस्वरूप मानते हुए घर के पूजा घर में रखा जाता है. शंख की पवित्रता का अंदाजा इस बात से भी लगाया जा सकता है कि इसे स्वयं तमाम देवी-देवताओं ने अपने हाथों में धारण किया हुआ है. महाभारत काल में भगवान कृष्ण के पास पांचजन्य नाम का शंख रहा करता था. वहीं युधिष्ठिर के पास अनंत विजय, अर्जुन के पास देवदत्त, भीम के पास पौंड्रू शंख, नकुल के पास सुघोष और सहदेव के पास मणिपुष्पक शंख था.