Basant Panchami 2026: 23 जनवरी को सरस्वती पूजा का शुभ मुहूर्त और विधि

Update: 2026-01-22 15:48 GMT
Religion Spirituality, धर्म अध्यात्म : बसंत पंचमी 2026 23 जनवरी, गुरुवार को मनाई जाएगी। यह पर्व खास तौर पर माँ सरस्वती की पूजा के लिए प्रसिद्ध है, जिन्हें ज्ञान, संगीत और कला की देवी माना जाता है। इस दिन विशेष रूप से पीले रंग का उपयोग किया जाता है और पीले फूल, वस्त्र और प्रसाद अर्पित किए जाते हैं।
पूजा का शुभ मुहूर्त:
विज्ञान और धर्मशास्त्र के अनुसार, 23 जनवरी 2026 को सुबह का समय सरस्वती पूजा के लिए सबसे उत्तम रहेगा। इस दिन पूजा का शुभ मुहूर्त सुबह के 7:30 बजे से लेकर 10:00 बजे तक रहेगा। इस समय देवी सरस्वती की आराधना करना अधिक फलदायक माना जाता है।
पूजन विधि:
सरस्वती पूजा की शुरुआत सफाई और सजावट से होती है। पूजा स्थल को साफ करके पीले रंग के वस्त्र बिछाए जाते हैं। इसके बाद माँ सरस्वती की मूर्ति या तस्वीर स्थापित कर, उनके सामने दीपक और धूप जलाया जाता है। पूजा में गायत्री मंत्र और सरस्वती मंत्रों का जाप किया जाता है। विद्यार्थी अपने पुस्तकालय या अध्ययन स्थल में भी देवी को याद करते हैं।
मंत्र और जाप:
पूजा के दौरान सबसे अधिक इस्तेमाल किया जाने वाला मंत्र है:
“ॐ ऐं सरस्वत्यै नमः”
इस मंत्र का जाप करने से विद्या, बुद्धि और कला में वृद्धि होती है। पूजा के समय कम से कम 108 बार मंत्र का जाप करना शुभ माना जाता है।
भोग और प्रसाद:
सरस्वती पूजा में भोग के रूप में आमतौर पर पीले रंग का पकवान, जैसे कि हलवा, मिठाई, पनीर के व्यंजन और फल अर्पित किए जाते हैं। पीले रंग के फूल और वस्त्र भी पूजा में शामिल होते हैं। भक्तों का विश्वास है कि इस दिन अर्पित भोग और पूजा से विद्या की प्राप्ति में वृद्धि होती है।
विशेष महत्व:
बसंत पंचमी का पर्व वसंत ऋतु के आगमन का प्रतीक भी है। इस दिन विद्यालय, कॉलेज और घरों में विशेष आयोजन किए जाते हैं। विद्यार्थी इस दिन नई किताबों और पेन से पूजा करते हैं, जिससे उनके अध्ययन और ज्ञान में वृद्धि होती है। इसके अलावा, संगीत और कला के क्षेत्र में कार्यरत लोग भी माँ सरस्वती की पूजा करते हैं।
इस वर्ष बसंत पंचमी पर कई मंदिरों और धार्मिक संस्थानों में विशेष पूजा कार्यक्रम और भजन संध्या आयोजित की जाएगी। श्रद्धालु सुबह जल्दी उठकर पूजा स्थल पर पहुँचकर देवी को याद करेंगे और अपने घर में भी विशेष विधि से पूजा करेंगे।
23 जनवरी 2026 को आने वाली बसंत पंचमी विशेष रूप से ज्ञान और विद्या की देवी माँ सरस्वती की आराधना के लिए मनाई जाएगी। पूजा का शुभ मुहूर्त सुबह 7:30 से 10:00 बजे तक है। इस दिन पूजा विधि, मंत्र जाप और भोग अर्पित करना बेहद फलदायक माना जाता है। विद्यार्थियों, कलाकारों और संगीत प्रेमियों के लिए यह दिन विशेष महत्व रखता है।
Tags:    

Similar News