Baba Mahakal: गर्भगृह में दर्शन का सपना टूटा, हाईकोर्ट ने श्रद्धालुओं की उम्मीदों पर फेरा पानी

Update: 2025-09-02 06:20 GMT
Baba Mahakal: इंदौर में एक जनहित याचिका तब चर्चा में आई जब आरोप लगाया गया कि उज्जैन स्थित विश्व प्रसिद्ध श्री महाकालेश्वर मंदिर में आम श्रद्धालुओं और प्रभावशाली लोगों के बीच भेदभाव हो रहा है। याचिकाकर्ता ने कहा कि घंटों लाइन में लगने के बावजूद आम लोग बैरिकेड्स से ही बाबा महाकाल के दर्शन कर पाते हैं, जबकि नेताओं, उद्योगपतियों और प्रभावशाली लोगों को सीधे गर्भगृह में प्रवेश की अनुमति है।
इस मुद्दे पर मध्य प्रदेश उच्च न्यायालय में सुनवाई हुई, जिसके बाद न्यायालय ने मंदिर में प्रवेश को लेकर बड़ा फैसला सुनाया। न्यायालय ने कहा कि गर्भगृह में किसे प्रवेश मिलेगा, इस पर अंतिम निर्णय उज्जैन कलेक्टर को लेना होगा। यानी, गर्भगृह में आम श्रद्धालुओं के प्रवेश पर लगी रोक में फिलहाल कोई बदलाव नहीं किया गया है।
गौरतलब है कि 4 जुलाई 2023 से गर्भगृह में श्रद्धालुओं के प्रवेश पर पहले से ही प्रतिबंध है। इसके बावजूद कई नेता, अधिकारी और उनके परिवार के सदस्य गर्भगृह में प्रवेश करते देखे गए, जिससे आम श्रद्धालुओं में नाराजगी बढ़ गई। याचिकाकर्ता का सवाल था कि जब प्रभावशाली लोगों को गर्भगृह में प्रवेश की अनुमति दी जा सकती है, तो आम श्रद्धालुओं से यह सुविधा क्यों छीनी जा रही है? अब हाईकोर्ट के फैसले के बाद यह साफ हो गया है कि व्यवस्था में तत्काल कोई बदलाव नहीं होगा और अंतिम फैसला प्रशासनिक स्तर पर ही लिया जाएगा।
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