जनता से रिश्ता वेबडेस्क। Stale Chapati Inauspicious: कई बार खाना बनाते समय खाना ज्यादा बन जाता है तो उसे अगले दिन खा लिया जाता है। वैसे ही आटा गूंथे समय कई बार आटा ज्यादा गुंथ जाता है और उस बांसी आटे कि अगले दिन रोटियां बना ली जाती है। कई बार ऐसा भी होता है कि आटा गूंथने में ज्यादा मेहनत करनी पड़ती है तो लोग ज्यादा आटा एक ही बार में गूंथ लेते हैं, ताकि बार-बार आटा गूंदने का झंझट न पालना पड़े, लेकिन वास्तु के अनुसार ऐसा करना शुभ नहीं माना जाता है। वास्तुशास्त्र में रोटियों का संबंध ग्रहों से बताया गया है और इसके बारे में तमाम नियमों का उल्लेख किया गया है। ज्योतिष और वैज्ञानिक दोनों के अनुसार बासी आटे की रोटी बनाना अशुभ माना जाता है। इससे घर में कलह और लड़ाई झगड़े बढ़ते हैं। आइए जानते हैं रोटियों से जुड़े ज्योतिष नियम के बारे में...

इम्यूनिटी सिस्टम होता है कमजोर
बासी आटे की रोटी ज्योतिष व वैज्ञानिक दोनों दृष्टि से अच्छा नहीं माना जाता है। इसके अलावा बासी आटे की रोटी स्वास्थ्य के लिए भी नुकसानदायक हो सकती है, क्योंकि बासी आटे में बैक्टीरिया पैदा हो जाते हैं, जो शरीर को कई तरह से नुकसान पहुंचाते हैं। बासी आटे की रोटी खाने से शरीर में इम्यूनिटी सिस्टम भी कमजोर हो जाता है। इससे व्यक्ति थकावट महसूस करता है।
राहु का पड़ता है प्रभाव
ज्योतिष के मुताबिक रोटियों का संबंध सूर्य और मंगल ग्रह से माना गया है, क्योंकि रोटी व्यक्ति के शरीर को एनर्जी देती है। लेकिन जब यह आटा फ्रिज में रखने के बाद इस्तेमाल किया जाता है तो यह बासी हो जाता है और बासी आटे का संबंध राहु से माना जाता है। राहु मानसिक स्थिति को प्रभावित करता है।
ऐसे में बासी आटे से बनी रोटियां घर के सदस्यों को नुकसान पहुंचा सकती है और इसके साथ ही घर में लोगों के बीच आपसी झगड़े विवाद बढ़ सकते हैं। इसलिए अगर इन गृह क्लेश से बचना चाहते हैं तो हमेशा ताजे आटे की ही रोटी बनाकर घर के सदस्यों को खिलाएं।


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