हिंदू धर्म में किसी भी कार्य को शुभ दिन, शुभ तिथि, शुभ मुहूर्त आदि को देखकर किया जाता है. इन सभी चीजों के बारे में पता लगाने के लिए पंचांग की आवश्यकता पड़ती है. जिसके माध्यम से आप आने वाले दिनों के शुभ एवं अशुभ समय के साथ सूर्योदय, सूर्यास्त, चन्द्रोदय, चन्द्रास्त, ग्रह, नक्षत्र आदि के बारे में विस्तार से जानकारी प्राप्त कर सकते हें. आइए पंचांग के पांच अंगों – तिथि, नक्षत्र, वार, योग एवं करण के साथ राहुकाल, दिशाशूल, भद्रा, पंचक, प्रमुख पर्व आदि की महत्वपूर्ण जानकारी प्राप्त करते हैं.

19 अक्टूबर 2021 का पंचांग (देश की राजधानी दिल्ली के समय पर आधारित)
विक्रम संवत – 2078, आनंद
शक सम्वत – 1943, प्लव
दिन (Day) मंगलवार (शरद पूर्णिमा)
अयन (Ayana) दक्षिणायन
ऋतु (Ritu) शरद
मास (Month) आश्विन
पक्ष (Paksha) शुक्ल
तिथि (Tithi) चतुर्दशी सायंकाल 07:03 बजे तक तदुपरांत पूर्णिमा (शरद पूर्णिमा)
नक्षत्र (Nakshatra) उत्तर भाद्रपद दोपहर 12:13 बजे तक तदुपरांत रेवती
योग (Yoga) व्याघात रात्रि 08:39 बजे तक तदुपरांत हर्षण
करण (Karana) गर प्रात: 06:31 बजे तक तदुपरांत वणिज
सूर्योदय (Sunrise) प्रात: 06:24 बजे
सूर्यास्त (Sunset) सायं 05:47 बजे
चंद्रमा (Moon) मीन राशि में
राहु काल (Rahu Kalam) दोपहर 02:57 से सायंकाल 04:22 बजे तक
यमगण्ड (Yamganada) प्रात:काल 09:15 से 10:40 बजे तक
गुलिक (Gulik) दोपहर 12:06 से 01:31 बजे तक
अभिजीत मुहूर्त (Abhijit Muhurt) प्रात: 11:43 से दोपहर 12:29 बजे तक
दिशाशूल (Disha Shool) उत्तर दिशा में
भद्रा (Bhadra) —
पंचक (Pnachak) जारी


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