पश्चिम बंगाल: ट्रक ड्राइवर से रिश्वत लेने के आरोप में दो मोटर वाहन निरीक्षक निलंबित, सीएम का सख्त संदेश
कोलकाता: पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी ने शुक्रवार को एक ट्रक ड्राइवर से रिश्वत लेने के आरोप में दो मोटर वाहन निरीक्षकों (एमवीआई) को निलंबित कर भ्रष्टाचार के प्रति 'जीरो टॉलरेंस' का संदेश दिया।
मुख्यमंत्री ने सोशल मीडिया के जरिए बताया कि पश्चिम बर्धमान जिले के रामपुर चेक पोस्ट पर तैनात दो एमवीआई को निलंबित कर दिया गया है। आरोप है कि उन्होंने जरूरी कागजात होने के बाद भी एक ट्रक ड्राइवर से रिश्वत मांगी और उसे बेवजह परेशान किया।
राज्य की भ्रष्टाचार रोधी शाखा (एसीबी) ने भी उनके खिलाफ जांच शुरू कर दी है। मुख्यमंत्री ने अपने सोशल मीडिया बयान में कहा, "कानून से ऊपर कोई नहीं है। पश्चिम बंगाल सरकार प्रशासन, विभागों और सरकार के हर स्तर पर भ्रष्टाचार के खिलाफ जीरो टॉलरेंस की नीति अपनाती है। किसी भी स्थिति में जबरन वसूली और भ्रष्टाचार को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। हम अपने प्रशासनिक तंत्र को पूरी तरह साफ-सुथरा बनाने और भ्रष्ट तत्वों को खत्म करने के लिए प्रतिबद्ध हैं।"
मुख्यमंत्री ने अपने एक्स हैंडल पर लिखा, "घटना और शिकायत का विवरण: सामान ढोने वाला ट्रक नंबर जेएच09बीए3535 (मालिक: दीपक सिंह, चालक: शिवा यादव) सर्विसिंग के बाद गैराज लौट रहा था। इस दौरान पश्चिम बर्धमान के रामपुर चेक पोस्ट पर अधिकारियों ने उसे गलत तरीके से रोक लिया। आरोप है कि चालक को अवैध रूप से परेशान किया गया और रिश्वत देने का दबाव बनाया गया। रिश्वत देने से इनकार करने पर वाहन को जब्त कर लिया गया और ऐसे टैक्स के नाम पर 22,000 रुपए की अवैध मांग की गई, जिसे राज्य सरकार पहले ही खत्म कर चुकी है।"
जिन दो मोटर वाहन निरीक्षकों (एमवीआई) को निलंबित किया गया है और जिनके खिलाफ एसीबी ने जांच शुरू की है, उनकी पहचान नजीमुल हक और अनुपम बनर्जी के रूप में हुई है। मुख्यमंत्री ने कहा, "शिकायतों को पूरी आपराधिक जांच और जरूरी कानूनी कार्रवाई के लिए एंटी-करप्शन ब्यूरो (एसीबी) को भेज दिया गया है। यह सुनिश्चित करने के लिए निर्देश जारी किए गए हैं कि गलत तरीके से जब्त किए गए वाहनों को छोड़ा जाए और ट्रांसपोर्टरों को परेशान करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए।"
मुख्यमंत्री ने सोशल मीडिया पर जारी अपने बयान में कड़ी चेतावनी देते हुए कहा कि भ्रष्टाचार में शामिल पाए जाने वाले लोगों के खिलाफ भी उतनी ही सख्ती से कार्रवाई की जाएगी। मुख्यमंत्री ने अपने सोशल मीडिया बयान में कहा, "यह प्रशासन के सभी स्तरों के लिए एक सख्त चेतावनी है। भ्रष्टाचार, उत्पीड़न या अवैध तरीके से लाभ लेने में शामिल पाए जाने वाले किसी भी अधिकारी के खिलाफ कड़ी अनुशासनात्मक और कानूनी कार्रवाई की जाएगी। हम पारदर्शी, निष्पक्ष और भ्रष्टाचार-मुक्त प्रशासन सुनिश्चित करने के लिए प्रतिबद्ध हैं।"