गुवाहाटी: असम के मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा ने शनिवार को पूर्व केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के प्रति आभार व्यक्त किया। उन्होंने प्रधान को एक ऐसे नेता के रूप में वर्णित किया, जिनका भारत के शिक्षा क्षेत्र में योगदान और असम के प्रति अटूट समर्थन हमेशा याद रखा जाएगा।
सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक पोस्ट में सरमा ने कहा कि धर्मेंद्र प्रधान के प्रति अपनी कृतज्ञता को शब्दों में व्यक्त करना कठिन है। उन्होंने राष्ट्रीय शिक्षा नीति (एनईपी) के कार्यान्वयन में उनकी भूमिका और देश की शिक्षा प्रणाली में सुधार करके 'भारत की सभ्यतागत भावना' को पुनर्जीवित करने के प्रयासों की प्रशंसा की।
मुख्यमंत्री ने लिखा कि केंद्रीय शिक्षा मंत्री के रूप में उन्होंने भारत की सभ्यतागत भावना को पुनर्जीवित करने और हमारी शिक्षा प्रणाली को औपनिवेशिक काल से मुक्त करने के लिए अथक प्रयास किए। राजनीतिक चुनौतियों के बावजूद राष्ट्रीय शिक्षा नीति को लागू करने के प्रति उनकी अटूट प्रतिबद्धता को राष्ट्र निर्माण में उनके सर्वश्रेष्ठ योगदानों में से एक के रूप में याद किया जाएगा।
प्रधान के असम से जुड़ाव को याद करते हुए सरमा ने कहा कि पूर्व मंत्री ने राज्य को जब भी मदद की जरूरत पड़ी, हमेशा उसका साथ दिया। उन्होंने कहा कि व्यक्तिगत तौर पर मैं असम के प्रति उनके सच्चे स्नेह से हमेशा प्रभावित रहा हूं। जब भी असम को उनके समर्थन की जरूरत पड़ी, वे हमारे साथ खड़े रहे। उनका प्रोत्साहन, मार्गदर्शन और सद्भावना मेरे लिए हमेशा बहुत मायने रखती है।
मुख्यमंत्री ने हाल ही में गुवाहाटी स्थित भारतीय प्रबंधन संस्थान (आईआईएम) के उद्घाटन का भी जिक्र किया और कहा कि यह उपलब्धि प्रधान की दूरदृष्टि और पूरे देश में गुणवत्तापूर्ण उच्च शिक्षा के विस्तार के प्रति उनकी प्रतिबद्धता के कारण ही संभव हो पाई है।
सरमा ने प्रधान को उनकी समर्पण, विनम्रता और निस्वार्थ सेवा के लिए धन्यवाद दिया और भविष्य के लिए उनके अच्छे स्वास्थ्य और शक्ति की कामना करते हुए विश्वास व्यक्त किया कि वे जो भी जिम्मेदारी संभालेंगे, उसमें राष्ट्र की सेवा करना जारी रखेंगे।