CJP प्रदर्शन में पहुंचीं मंत्री की बेटी, CM हिमंता ने किया बचाव

Update: 2026-07-26 10:05 GMT

गुवाहाटी। नीट पेपर लीक और परीक्षा में कथित गड़बड़ियों के खिलाफ देशभर में चल रहे विरोध प्रदर्शन के बीच असम में एक नया राजनीतिक विवाद सामने आया है। असम सरकार में मंत्री केशव महंता की बेटी दिबिसा महंता के विरोध प्रदर्शन में शामिल होने के बाद मामला चर्चा में आ गया। हालांकि, मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने इस पूरे मामले में मंत्री और उनकी बेटी का बचाव करते हुए लोगों से उन्हें ट्रोल नहीं करने की अपील की है।

मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने कहा कि किसी बच्चे के विचारों और राजनीतिक रुख को उसके माता-पिता की विचारधारा से जोड़ना सही नहीं है। उन्होंने कहा कि संभव है कि दिबिसा अपने पिता की राजनीतिक सोच से सहमत न हों। इसलिए केवल विरोध प्रदर्शन में शामिल होने के कारण उनके पिता केशव महंता को निशाना बनाना उचित नहीं होगा।

नीट पेपर लीक मामले और केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग को लेकर गुरुवार को विरोध प्रदर्शन किया गया था। इसी प्रदर्शन में असम गण परिषद (AGP) नेता और राज्य के मंत्री केशव महंता की बेटी दिबिसा भी शामिल हुईं। प्रदर्शन से जुड़े कुछ वीडियो सोशल मीडिया पर सामने आए, जिनमें दिबिसा के शामिल होने की बात कही गई। हालांकि, इन वीडियो की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं की गई है।

वीडियो सामने आने के बाद सोशल मीडिया पर कई लोगों ने सवाल उठाए और मंत्री के परिवार को लेकर टिप्पणियां कीं। इसके बाद मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि बच्चों के अपने विचार हो सकते हैं और उन्हें उनके माता-पिता की राजनीतिक पहचान से नहीं आंका जाना चाहिए।

मुख्यमंत्री ने कहा, "मुझे नहीं लगता कि हमें केशव महंता की बेटी के विरोध प्रदर्शन के लिए उन पर हमला करना चाहिए या उन्हें ट्रोल करना चाहिए। हो सकता है कि वह अपने पिता की राजनीतिक विचारधारा को नहीं मानती हों।" उन्होंने उदाहरण देते हुए कहा कि भविष्य में उनके अपने बच्चे भी ऐसे फैसले ले सकते हैं जिनसे वह सहमत न हों।

सरमा ने यह भी कहा कि वह दिबिसा के लगाए गए नारों से सहमत नहीं हैं। उन्होंने कहा कि अगर मौका मिला तो वह उनसे इस विषय पर बातचीत करेंगे और समझाने की कोशिश करेंगे कि कुछ बातें सही नहीं थीं। मुख्यमंत्री ने साफ किया कि असहमति होने के बावजूद किसी व्यक्ति को केवल उसके विचारों के आधार पर निशाना नहीं बनाया जाना चाहिए।

नीट परीक्षा में कथित अनियमितताओं को लेकर देशभर में छात्रों और युवाओं के बीच नाराजगी देखने को मिली है। कई स्थानों पर छात्रों ने प्रदर्शन कर परीक्षा प्रक्रिया में पारदर्शिता की मांग की है। इसी क्रम में असम में भी विरोध प्रदर्शन हुआ, जिसमें दिबिसा की मौजूदगी ने राजनीतिक बहस को जन्म दे दिया।

वहीं, मंत्री केशव महंता की ओर से इस मामले पर अभी तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। मुख्यमंत्री के बयान के बाद अब यह मुद्दा राजनीतिक बहस से ज्यादा अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता और पारिवारिक राजनीतिक संबंधों से जुड़े सवालों पर केंद्रित हो गया है।

हिमंत सरमा के बयान से यह संदेश देने की कोशिश की गई है कि लोकतंत्र में हर व्यक्ति को अपने विचार रखने और अपनी राय व्यक्त करने का अधिकार है। साथ ही उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि किसी व्यक्ति के विचारों से असहमति होने पर भी व्यक्तिगत हमले या ट्रोलिंग उचित नहीं है।

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