मणिकर्ण में भटके केरल के युवक को सकुशल घर भेजा

Update: 2026-06-14 12:03 GMT
Sundarnagar. सुंदरनगर। अक्सर कहा जाता है कि आज की दुनिया मतलब की हो गई है, जहां अपने भी मुश्किल वक्त में साथ छोड़ देते हैं। लेकिन सुंदरनगर के जडोल के कुछ युवाओं ने यह साबित कर दिया कि इंसानियत आज भी जिंदा है और किसी अनजान की मदद करना ही सबसे बड़ा धर्म है। केरल के निवासी राम प्रकाश पुत्र जया प्रकाश, निवासी के.जी. भवन, श्रीनिवासपुरम, डाकघर वर्कला, जिला तिरुवनंतपुरम, पिन-695145, केरल गत 8 जून को सुंदरनगर के भवाना क्षेत्र में स्थानीय लोगों को मिले थे। बताया जा रहा है कि राम प्रकाश मानसिक रूप से कुछ परेशान हैं। उनका एक बैग, जिसमें पासपोर्ट, आधार कार्ड, पैन कार्ड तथा शिक्षा से संबंधित महत्वपूर्ण दस्तावेज थे, कुल्लू जिले के मणिकर्ण क्षेत्र में कहीं गुम हो गया था। असहाय अवस्था में मिले राम प्रकाश के लिए स्थानीय युवा समाजसेवी रवि ठाकुर और क्षेत्र के अन्य दुकानदार मसीहा
बनकर सामने आए।

सभी ने स्वेच्छा से अपनी जेब से धनराशि एकत्रित की और युवक के रहने, खाने तथा पहनने के लिए कपड़ों की व्यवस्था की। इसके साथ ही उसके परिवार से संपर्क करने के प्रयास भी शुरू किए गए। रवि ठाकुर ने बताया की मामले को लेकर उन्होंने एसडीएम और डीएसपी सुंदरनगर से भेंट करते हुए स्थिति से अवगत करवाया और हरसम्भव सहायता करने की बात कही।वही डीएसपी सुंदरनगर भारत भूषण ने युवक के गुम हुए बैग और अन्य दस्तावेजों को लेकर थाना में शिकायत दर्ज करते हुए मणिकर्ण के निकटम पुलिस थाना ,चौकी को रिपोर्ट मेल कर माध्यम से पेषित कर मदद की। रवि ठाकुर ने बताया कि काफी प्रयासों के बाद राम प्रकाश के परिजनों से संपर्क स्थापित हुआ। परिजनों ने बताया कि उनकी आर्थिक स्थिति और अन्य परिस्थितियों के कारण वे हिमाचल आकर उसे लेने में असमर्थ हैं। उन्होंने यह भी बताया कि राम प्रकाश की मानसिक स्थिति पूरी तरह ठीक नहीं है और यदि उसे ट्रेन से भेजा गया तो आशंका है कि वह रास्ते में किसी स्टेशन पर उतरकर फिर से लापता हो सकता है। रवि ठाकुर ने बताया कि 13 जून को जड़ोल से दिल्ली तक पहुंचाने के लिए टैक्सी मालिक एवं चालक अमन शर्मा भी मानवता की इस मुहिम में शामिल हुए। अमन शर्मा ने केवल तेल और टोल का खर्च लेकर राम प्रकाश को दिल्ली हवाई अड्डे तक सुरक्षित पहुंचाया।
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