Rajbhar का दावा- JPNIC भ्रष्टाचार ने सपा को सत्ता से दूर किया

Update: 2026-07-08 09:07 GMT

Lucknow लखनऊ : उत्तर प्रदेश की सियासत में एक बार फिर जेपीएनआईसी परियोजना को लेकर बयानबाजी तेज हो गई है। सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी (सुभासपा) के राष्ट्रीय अध्यक्ष और योगी सरकार में मंत्री ओमप्रकाश राजभर ने समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव पर निशाना साधते हुए गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने लोकनायक जयप्रकाश नारायण इंटरनेशनल कन्वेंशन सेंटर (जेपीएनआईसी) को लेकर सपा सरकार पर सवाल खड़े किए और इसे भ्रष्टाचार से जोड़ते हुए हमला बोला।ओमप्रकाश राजभर ने सोशल मीडिया मंच एक्स पर एक पोस्ट साझा करते हुए अखिलेश यादव पर तंज कसा। उन्होंने लिखा, "अखिलेश जी, उम्मीद करता हूं कि आप ठीक ही होंगे। आज सुबह-सुबह मैं काम से घर से निकला तो थोड़ी दूर जाते ही जेपीएनआईसी दिखाई दिया। अचानक लोकनायक जयप्रकाश जी का चेहरा मेरी आंखों के सामने आ गया।"

राजभर ने आगे आरोप लगाया कि लोकनायक जयप्रकाश नारायण के नाम पर बनाई गई इस परियोजना में बड़े पैमाने पर भ्रष्टाचार हुआ है। उन्होंने कहा कि जिस उद्देश्य से इस भवन का निर्माण किया गया था, वह पूरा नहीं हो सका और इसमें जनता के पैसों का दुरुपयोग हुआ। उन्होंने इसे समाजवादी पार्टी की सरकार के कार्यकाल से जोड़ते हुए अखिलेश यादव पर निशाना साधा।मंत्री ओमप्रकाश राजभर ने दावा किया कि जेपीएनआईसी में हुई अनियमितताओं का असर समाजवादी पार्टी की राजनीति पर भी पड़ा है। उन्होंने कहा कि इसी तरह के "पाप" का परिणाम है कि समाजवादी पार्टी लंबे समय से उत्तर प्रदेश की सत्ता से बाहर है। हालांकि, राजभर के आरोपों पर समाजवादी पार्टी की ओर से तत्काल कोई विस्तृत प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।

गौरतलब है कि जेपीएनआईसी परियोजना लंबे समय से उत्तर प्रदेश की राजनीति का मुद्दा रही है। इस भवन का निर्माण समाजवादी पार्टी की सरकार के दौरान शुरू हुआ था। समय-समय पर इस परियोजना की लागत, निर्माण कार्य और उपयोग को लेकर राजनीतिक दल एक-दूसरे पर आरोप लगाते रहे हैं।भाजपा और उसके सहयोगी दल जहां इस परियोजना को लेकर सपा सरकार पर सवाल उठाते रहे हैं, वहीं समाजवादी पार्टी का कहना है कि भाजपा सरकार राजनीतिक द्वेष के कारण पिछली सरकार के कामों को निशाना बनाती है। सपा नेताओं का आरोप रहा है कि सरकार विकास कार्यों की जगह राजनीतिक बयानबाजी पर ज्यादा ध्यान दे रही है।

ओमप्रकाश राजभर का यह बयान ऐसे समय में आया है जब प्रदेश में आगामी राजनीतिक मुद्दों को लेकर सियासी गतिविधियां तेज हैं। भाजपा गठबंधन के नेता लगातार समाजवादी पार्टी को घेरने की कोशिश कर रहे हैं, जबकि सपा भी सरकार की नीतियों को लेकर हमलावर रहती है।जेपीएनआईसी को लेकर उठे इस विवाद ने एक बार फिर उत्तर प्रदेश की राजनीति में पुराने मुद्दे को हवा दे दी है। अब देखना होगा कि समाजवादी पार्टी इस आरोप पर क्या जवाब देती है और आने वाले दिनों में यह मामला किस तरह राजनीतिक बहस का हिस्सा बनता है।

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