'यह संस्मरण है या उसका सियासीकरण', सोनिया गांधी की किताब पर विवाद को लेकर बोले मुख्तार अब्बास नकवी
नई दिल्ली: भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के नेता मुख्तार अब्बास नकवी ने कांग्रेस संसदीय दल की अध्यक्ष सोनिया गांधी की किताब पर जारी विवाद को लेकर प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने कहा कि यह लेखक और प्रकाशक के बीच का मामला है। वे तय करेंगे कि यह संस्मरण है या उसका सियासीकरण है।
समाचार एजेंसी से बात करते हुए मुख्तार अब्बास नकवी ने कहा, "यह सोनिया गांधी का संस्मरण है या कल्पना है, ये तो लेखक और प्रकाशक के बीच की बात है। प्रकाशक और लेखक ही तय करेंगे कि यह संस्मरण है या उसका सियासीकरण है। मुझे लगता कि इसमें किसी को राजनीति करने की जरूरत है। आप अगर संस्मरण के नाम पर कल्पनाएं लिख कर रहे हैं और उनमें भी कई तरह के फ्रिक्शन हों या फर्जी और मनगढ़ंत किस्से-कहानियां हों तो निश्चित रूप से उसमें प्रकाशक के साथ भी जिम्मेदारी होती है।"
मुख्तार अब्बास नकवी ने महिला आरक्षण परिसीमन को लेकर विशेष सत्र बुलाने की तैयारी पर कहा, "सरकार की जिम्मेदारी होती है कि देश और समाज के सरोकार से जुड़े हुए कामकाज को संसद में पूरा किया जाए। विपक्ष की संवैधानिक जिम्मेदारी है कि संसद की बहस और फैसलों में बराबर के हिस्सेदार बनें। अफसोस की बात है कि कांग्रेस समेत अन्य विपक्ष दल बहस और चर्चा से अधिक हंगामा करते हैं।"
नकवी ने कहा कि विपक्ष पूरी संसदीय व्यवस्था, संविधान और लोकतंत्र को लेकर सवाल खड़ा करता है। इसलिए सवाल और बवाल विपक्ष का मिजाज है। यह उसका भला नहीं कर रहा है।
उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के चार दिवसीय मध्य एशिया दौरे पर कहा, "प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने कार्यकाल के दौरान पूरी दुनिया में भारत की धाक और धमक को धारदार बनाया है। चाहे वो सुरक्षा का मुद्दा हो, चाहे समाज और देश के समृद्धि का मुद्दा हो, वहां पर भारत को मजबूती मिले, वहां पर वो लगातार काम करते रहे हैं।"
भाजपा नेता ने कर्नाटक वाल्मीकि घोटाला पर कहा, "कांग्रेस और करप्शन का गहरा याराना है। ये दोनों एक-दूसरे के लिए बने हैं। इसी वजह कांग्रेस का इतिहास इतना दागी है कि वर्तमान बागी हो गया है। जहां कांग्रेस का कुछ बचा हुआ वर्तमान दिखता है, वो भी एक तरीके से दागी होता जा रहा है।"