गाजियाबाद। समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव को लेकर भाजपा विधायक नंद किशोर गुर्जर के एक बयान ने यूपी की सियासत में हलचल बढ़ा दी है। लोनी विधायक नंद किशोर गुर्जर ने अखिलेश यादव पर राजनीतिक हमला करते हुए कहा कि उनकी “राहु की महादशा” चल रही है और वह जो भी बोल रहे हैं उसका असर उल्टा हो रहा है। उन्होंने दावा किया कि अखिलेश यादव को अपनी राजनीतिक स्थिति सुधारने के लिए उपाय करने चाहिए।
नंद किशोर गुर्जर ने यह बयान रक्षाबंधन के मौके पर बागपत के पुरा महादेव मंदिर में दिया। उन्होंने अखिलेश यादव की राजनीति, उनके बयानों और आगामी विधानसभा चुनाव को लेकर कई सवाल उठाए। भाजपा विधायक ने कहा कि जनता अब सब कुछ देख रही है और आने वाले चुनाव में इसका जवाब देगी।
अखिलेश पर साधा निशाना
भाजपा विधायक नंद किशोर गुर्जर ने कहा कि अखिलेश यादव के कई बयान उनके लिए नुकसानदायक साबित हो रहे हैं। उन्होंने दावा किया कि सपा प्रमुख जो भी मुद्दे उठाते हैं, उसका राजनीतिक लाभ उन्हें नहीं मिल रहा है।
उन्होंने कहा कि अखिलेश यादव को अपनी राजनीति और बयानों पर विचार करना चाहिए। गुर्जर ने कहा कि अगर कोई नेता लगातार ऐसे फैसले लेता है जिससे उसकी छवि प्रभावित होती है तो जनता उसका जवाब चुनाव में देती है।
‘2032 तक राहु की महादशा’ वाला बयान
नंद किशोर गुर्जर ने ज्योतिष का हवाला देते हुए कहा कि अखिलेश यादव पर वर्ष 2032 तक राहु की महादशा चल रही है। उन्होंने कहा कि इसी वजह से उनके बयानों का असर उल्टा हो रहा है।
हालांकि, यह बयान भाजपा विधायक का व्यक्तिगत राजनीतिक और ज्योतिषीय दावा है। इसका कोई वैज्ञानिक आधार प्रमाणित नहीं है। राजनीतिक नेताओं द्वारा अक्सर चुनावी माहौल में ऐसे बयान दिए जाते रहे हैं।
2027 चुनाव को लेकर किया दावा
नंद किशोर गुर्जर ने उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव 2027 को लेकर भी बड़ा दावा किया। उन्होंने कहा कि समाजवादी पार्टी को आने वाले चुनाव में बड़ी चुनौती का सामना करना पड़ेगा। उन्होंने यहां तक दावा किया कि सपा के लिए सीटों की संख्या काफी कम रह सकती है।
भाजपा विधायक ने अखिलेश यादव की रणनीति पर सवाल उठाते हुए कहा कि जनता अब विकास और काम के आधार पर वोट करेगी। उन्होंने सपा प्रमुख पर अलग-अलग समाजों को लेकर बयान देने का आरोप भी लगाया।
जयंत चौधरी और सपा के पुराने समीकरणों पर भी बोले
नंद किशोर गुर्जर ने राष्ट्रीय लोकदल नेता जयंत चौधरी और समाजवादी पार्टी के पुराने राजनीतिक रिश्तों का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि पश्चिमी उत्तर प्रदेश की राजनीति में पुराने समीकरण बदल रहे हैं।
उन्होंने दावा किया कि चौधरी चरण सिंह और मुलायम सिंह यादव के दौर की राजनीति अलग थी, जबकि वर्तमान समय में राजनीतिक परिस्थितियां बदल चुकी हैं।
सपा की ओर से जवाब का इंतजार
भाजपा विधायक के इस बयान के बाद राजनीतिक माहौल गर्म हो गया है। हालांकि समाजवादी पार्टी की ओर से अभी इस बयान पर कोई विस्तृत प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।
राजनीतिक विशेषज्ञों का मानना है कि उत्तर प्रदेश में 2027 विधानसभा चुनाव को देखते हुए नेताओं के बीच बयानबाजी तेज होती जा रही है। भाजपा और सपा दोनों ही दल अपनी-अपनी रणनीति के तहत एक-दूसरे पर निशाना साध रहे हैं।
बयान से बढ़ी राजनीतिक चर्चा
नंद किशोर गुर्जर का यह बयान सोशल मीडिया पर भी चर्चा का विषय बन गया है। जहां भाजपा समर्थक इसे राजनीतिक हमला बता रहे हैं, वहीं सपा समर्थक इसे सिर्फ बयानबाजी करार दे रहे हैं।
फिलहाल यह साफ है कि उत्तर प्रदेश की राजनीति में चुनावी माहौल बनने के साथ नेताओं के बीच जुबानी जंग और तेज होने वाली है। अखिलेश यादव को लेकर दिए गए इस बयान ने एक बार फिर भाजपा और सपा के बीच राजनीतिक टकराव को सामने ला दिया है।
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