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उत्तर प्रदेश : प्रयागराज में एक बड़ा हादसा टल गया। शहर के जॉर्ज टाउन इलाके में स्थित स्वामीनारायण मंदिर परिसर में शुक्रवार रात एक तीन मंजिला इमारत अचानक ढह गई। गनीमत रही कि इस हादसे में किसी के हताहत होने की सूचना नहीं है।
घटना के बाद इलाके में अफरा-तफरी का माहौल बन गया। सूचना मिलते ही प्रशासन और संबंधित विभागों की टीमें मौके पर पहुंचीं और स्थिति का जायजा लिया।
रात में अचानक भरभराकर गिरी इमारत
STORY | UP: Three-storey building collapses at Swaminarayan temple premises in Prayagraj
— Press Trust of India (@PTI_News) August 29, 2026
A three-storey building collapsed on the premises of the Swaminarayan temple in the George Town area of Uttar Pradesh's Prayagraj, with no casualties reported, an official said.
READ:… https://t.co/qufXHIyMHt pic.twitter.com/NT1MuLm99z
जानकारी के अनुसार, यह तीन मंजिला इमारत केपी कॉलेज के सामने स्थित स्वामीनारायण मंदिर परिसर में थी। शुक्रवार रात अचानक इमारत का एक बड़ा हिस्सा गिर गया।
हादसे की आवाज सुनकर आसपास मौजूद लोग मौके पर पहुंचे। लोगों ने तुरंत मंदिर प्रशासन और अधिकारियों को इसकी सूचना दी।
हालांकि, इमारत गिरने के समय वहां कोई मौजूद नहीं था, जिससे बड़ी दुर्घटना टल गई।
मंदिर प्रशासन ने बताई वजह
स्वामीनारायण मंदिर के 'कोठारी' (मंदिर प्रशासनिक प्रमुख) कमलेश भगत ने बताया कि इमारत के पीछे निर्माण कार्य चल रहा था।
उन्होंने बताया कि निर्माण के लिए खोदे गए गड्ढे में लंबे समय से पानी भरा हुआ था। आशंका जताई जा रही है कि पानी जमा होने और निर्माण कार्य के कारण जमीन कमजोर हुई, जिससे इमारत प्रभावित हुई और गिर गई।
हालांकि, इमारत गिरने की वास्तविक वजह की पुष्टि तकनीकी जांच के बाद ही हो सकेगी।
प्रशासन ने शुरू की जांच
घटना की जानकारी मिलने के बाद प्रशासनिक अधिकारियों ने मौके पर पहुंचकर निरीक्षण किया। अधिकारियों ने स्थिति का जायजा लेते हुए आसपास के क्षेत्र की सुरक्षा व्यवस्था की जांच की।
मलबे की जांच की जा रही है और यह पता लगाने का प्रयास किया जा रहा है कि इमारत किन कारणों से गिरी।
आसपास के लोगों में चिंता
इमारत गिरने की घटना के बाद आसपास रहने वाले लोगों में चिंता का माहौल है। लोगों का कहना है कि निर्माण कार्यों के दौरान सुरक्षा मानकों का ध्यान रखना बेहद जरूरी है।
स्थानीय लोगों ने मांग की है कि ऐसे निर्माण कार्यों की नियमित निगरानी होनी चाहिए ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं से बचा जा सके।
बड़ी दुर्घटना टली
प्रशासन के अनुसार, हादसे में किसी के घायल होने या जानमाल के नुकसान की सूचना नहीं है। समय रहते स्थिति पर नियंत्रण कर लिया गया।
मंदिर परिसर में मौजूद लोगों और आसपास के निवासियों के लिए यह राहत की बात रही कि इमारत गिरने के दौरान कोई व्यक्ति उसकी चपेट में नहीं आया।
निर्माण कार्यों की सुरक्षा पर उठे सवाल
इस घटना के बाद शहर में चल रहे निर्माण कार्यों की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर सवाल उठने लगे हैं।
विशेषज्ञों का कहना है कि किसी भी बड़े निर्माण कार्य के दौरान आसपास की इमारतों की मजबूती और जमीन की स्थिति का ध्यान रखना जरूरी होता है।
विशेषकर जहां लंबे समय तक पानी जमा रहता है, वहां मिट्टी की क्षमता प्रभावित हो सकती है।
आगे की कार्रवाई जारी
फिलहाल प्रशासन और संबंधित विभाग घटना की जांच में जुटे हुए हैं। तकनीकी टीम द्वारा निरीक्षण के बाद ही यह स्पष्ट हो पाएगा कि इमारत गिरने का मुख्य कारण क्या था।
मंदिर प्रशासन और अधिकारियों ने आसपास के लोगों की सुरक्षा को देखते हुए आवश्यक कदम उठाने शुरू कर दिए हैं।
प्रयागराज में स्वामीनारायण मंदिर परिसर की यह घटना एक बड़े हादसे में बदल सकती थी, लेकिन किसी के मौजूद नहीं होने के कारण बड़ा नुकसान टल गया।





