केरल कांग्रेस सरकार के मुख्यमंत्री ने अडानी को क्या बेचा, अब राहुल गांधी कहा है
सोशल मीडिया में विपक्षी नेता कर रहे तीखे सवाल
Kerala. केरल। ऐसा क्या हुआ कि केरल के मुख्यमंत्री ने अपने मंत्रिमंडल और सभी विधायकों के साथ मिलकर अडानी का झंडा उठाना पड़ रहा है। जबकि कांग्रेस के कर्ता-धर्ता राहुल गांधी लगातार अडानी और पीएम मोदी के सांठ-गांठ के गुण गाते रहते है। अब जब उनके ही कांग्रेस सरकार के राज्य केरल में मुख्यमंत्री ने अडानी के झंडे को उठाया और केरल की क्या चीज बेचीं कांग्रेस सरकार के मंत्रिमंडल के सभी सदस्य और वरिष्ठ कांग्रेसजन सहित मुख्यमंत्री भी अडानी का झंडा फहरा रहे थे। अब उसका जवाब देने के लिए राहुल गांधी कहां गए ? सोशल मीडिया में कांग्रेस के खिलाफ ट्रोलबाजी शुरू हो गई है। तरह-तरह की रील बनाकर राहुल गांधी से पूछा जा रहा है अब अपनी सरकार के खिलाफ क्यों नहीं बोलते ? केरल के विझिंजम इंटरनेशनल सीपोर्ट के उद्घाटन के बाद राज्य की राजनीति में बयानबाजी तेज हो गई है। भाजपा और अन्य विपक्षी दलों ने कांग्रेस पर निशाना साधते हुए राहुल गांधी और कांग्रेस नेतृत्व से सवाल किए हैं।
विपक्षी नेताओं ने आरोप लगाया कि कांग्रेस जिस अडानी समूह को लेकर केंद्र सरकार पर लगातार सवाल उठाती रही है, उसी समूह से जुड़े पोर्ट प्रोजेक्ट के उद्घाटन को लेकर अब पार्टी की स्थिति स्पष्ट करनी चाहिए। भाजपा नेताओं ने कांग्रेस पर हमला बोलते हुए कहा कि केरल में कांग्रेस नेतृत्व वाली यूडीएफ के नेताओं की मौजूदगी में विझिंजम इंटरनेशनल सीपोर्ट का कार्यक्रम हुआ है। ऐसे में कांग्रेस को यह बताना चाहिए कि अडानी समूह से जुड़े इस प्रोजेक्ट को लेकर उसका रुख क्या है। भाजपा नेताओं ने राहुल गांधी पर सवाल उठाते हुए कहा कि जब कांग्रेस अन्य राज्यों में अडानी समूह को लेकर केंद्र सरकार पर आरोप लगाती है, तो केरल में अपनी ही सहयोगी सरकार और नेताओं की भूमिका पर वह चुप क्यों है।
विझिंजम पोर्ट बना राजनीतिक मुद्दा
विझिंजम इंटरनेशनल सीपोर्ट के उद्घाटन के बाद यह प्रोजेक्ट राजनीतिक चर्चा का विषय बन गया है। भाजपा नेताओं ने कहा कि कांग्रेस अक्सर अडानी समूह को लेकर केंद्र सरकार पर सवाल उठाती रही है, लेकिन केरल में इसी समूह से जुड़े प्रोजेक्ट को लेकर कांग्रेस नेताओं का रवैया अलग दिखाई दे रहा है। भाजपा ने आरोप लगाया कि कांग्रेस की राजनीति दोहरे मापदंड वाली है। पार्टी नेताओं का कहना है कि एक तरफ कांग्रेस अडानी समूह पर सवाल उठाती है, वहीं दूसरी तरफ कांग्रेस शासित राज्यों में उससे जुड़े प्रोजेक्ट को समर्थन दिया जाता है।
कांग्रेस और विपक्ष में बढ़ी बयानबाजी
वहीं इस मामले को लेकर कांग्रेस की ओर से अभी कोई बड़ा आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है। हालांकि राजनीतिक दलों के बीच आरोप-प्रत्यारोप का दौर जारी है। भाजपा नेताओं का कहना है कि विकास परियोजनाओं को राजनीतिक चश्मे से नहीं देखा जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि यदि कोई परियोजना राज्य के विकास, रोजगार और आर्थिक गतिविधियों को बढ़ावा देती है तो उसका स्वागत किया जाना चाहिए।
पोर्ट परियोजना को लेकर बढ़ी उम्मीदें
विझिंजम इंटरनेशनल सीपोर्ट को केरल के लिए एक महत्वपूर्ण परियोजना माना जा रहा है। इसके माध्यम से राज्य में समुद्री व्यापार और लॉजिस्टिक्स क्षेत्र को बढ़ावा मिलने की उम्मीद जताई जा रही है। समर्थकों का कहना है कि यह पोर्ट अंतरराष्ट्रीय स्तर पर केरल की समुद्री कनेक्टिविटी को मजबूत करेगा और रोजगार के नए अवसर पैदा कर सकता है। हालांकि, परियोजना को लेकर राजनीतिक बहस भी लगातार जारी है। भाजपा और अन्य विपक्षी दल कांग्रेस से इस मुद्दे पर जवाब मांग रहे हैं, जबकि कांग्रेस की ओर से इस पर आगे की रणनीति देखना बाकी है।