7 मौतों के बाद जागी सरकार! दिल्ली में बिल्डिंग और PG सुरक्षा पर बड़ा फैसला
नियमों की समीक्षा के आदेश
Delhi दिल्ली। सत्य निकेतन बिल्डिंग हादसे में सात लोगों की मौत के बाद दिल्ली सरकार ने भवन सुरक्षा और छात्र आवास व्यवस्था को लेकर सख्ती बढ़ाने का फैसला किया है। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने सोमवार को कहा कि राजधानी में इमारतों की जांच तेज की जाएगी और सुरक्षा मानकों को प्रभावी तरीके से लागू किया जाएगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार दिल्ली में चल रहे पेइंग गेस्ट (PG) आवासों के नियमों की समीक्षा करेगी। खासतौर पर छात्रों और कामकाजी लोगों के रहने वाले स्थानों में सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने पर जोर दिया जाएगा।
सत्य निकेतन बिल्डिंग हादसे के बाद सरकार ने जर्जर इमारतों, अवैध निर्माण और सुरक्षा मानकों की अनदेखी करने वाले भवनों की पहचान करने की प्रक्रिया तेज करने की बात कही है। अधिकारियों को भवनों की स्थिति की जांच और आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए गए हैं। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने कहा कि लोगों की सुरक्षा सरकार की प्राथमिक जिम्मेदारी है। किसी भी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने कहा कि राजधानी में रहने वाले छात्रों और किराएदारों के लिए सुरक्षित आवास सुनिश्चित करना जरूरी है।
दिल्ली में बड़ी संख्या में छात्र और युवा PG आवासों में रहते हैं। ऐसे में सरकार अब PG संचालकों के लिए सुरक्षा नियमों, फायर सेफ्टी व्यवस्था और भवनों की स्थिति को लेकर नए सिरे से समीक्षा करने की तैयारी में है। सत्य निकेतन हादसे ने राजधानी में इमारतों की सुरक्षा और निगरानी व्यवस्था पर सवाल खड़े किए थे। हादसे के बाद प्रशासन ने जर्जर भवनों और निर्माण नियमों के उल्लंघन को लेकर कार्रवाई बढ़ाने का संकेत दिया है। सरकार की ओर से जल्द ही PG आवासों और अन्य संवेदनशील इमारतों के लिए नए दिशा-निर्देश जारी किए जाने की संभावना है। अधिकारियों का कहना है कि सुरक्षा मानकों का पालन नहीं करने वाले संस्थानों और भवन मालिकों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।