युद्ध तो होना तय है...?
आतंकी हमले ने देशभर के लोगों का दिल दहला दिया है.
नई दिल्ली: पहलगाम में हुए आतंकी हमले के बाद भारत और पाकिस्तान के रिश्तों में तनाव एक बार फिर चरम पर पहुंच गया है. पाकिस्तान के रक्षा मंत्री ख्वाजा आसिफ ने कहा है कि भारत के साथ ऑल आउट वार की आशंका है. ब्रिटेन के स्काई न्यूज के साथ बातचीत में पाकिस्तान के रक्षा मंत्री ने कहा दुनिया को परमाणु शक्तियों से लैस दो राष्ट्रों के बीच पूर्ण युद्ध की आशंका से 'चिंतित' होना चाहिए. ख्वाजा आसिफ ने इस तनाव में अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप से हस्तक्षेप देने की मांग की है और कहा है कि वो विश्व की शक्तियों का नेतृत्व करते हैं.
ख्वाजा आसिफ ने यह भी उम्मीद जताई कि इस विवाद का अंत संवाद के जरिये हो सकता है. बता दें कि पहलगाम में आतंकी हमले में 26 बेगुनाह सैलानियों की मौत के बाद भारत-पाकिस्तान के बीच तनाव चरम सीमा पर पहुंच चुका है. इस हमले में पाकिस्तानी तत्वों के शामिल होने के सीधे सबूत मिले हैं और पाकिस्तान पर आरोप लगाया है.
ख्वाजा आसिफ ने इस दावे से इनकार किया है और कहा कि भारत ने "फॉल्स फ्लैग" ऑपरेशन के तहत गोलीबारी को अंजाम दिया है. ख्वाजा आसिफ ने शेखी बघारते हुए कहा कि पाकिस्तान की सेना दोनों पक्षों की ओर से बढ़ते तनाव और कूटनीतिक उपायों के बीच "किसी भी स्थिति के लिए तैयार" है.
रक्षा मंत्री ख्वाजा आसिफ ने कहा, "भारत द्वारा की जाने वाली किसी भी पहल पर हम अपनी प्रतिक्रिया को नापे-तौलेंगे और यह नाप तौल कर जवाब देंगे. यदि कोई ऑल आउट वार होता है, या ऐसा कुछ होता है तो जाहिर है कि एक संपूर्ण युद्ध होगा." जब उनसे पूछा गया कि क्या दुनिया को चिंतित होना चाहिए, तो उन्होंने जवाब दिया: "हां, मुझे ऐसा लगता है. दो परमाणु शक्तियों के बीच टकराव हमेशा चिंताजनक होता है. अगर चीजें गलत हो जाती हैं, तो इस टकराव का दुखद परिणाम हो सकता है."
बता दें कि इस हमले के बाद प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने हमले के लिए जिम्मेदार लोगों को "पृथ्वी के अंत तक" से खोज कर लाने और उन्हें दंड देने की कसम खाई है. ख्वाजा आसिफ ने इस हमले का आरोप भारत के ऊपर मढ़ा और कहा कि वे ही ऐसी परिस्थितियां पैदा करते हैं.
हालांकि, उन्होंने आगे कहा: "हमें अपनी समस्याओं को बातचीत के ज़रिए सुलझाना चाहिए." जब रक्षा मंत्री ख्वाजा आसिफ से पूछा गया कि क्या अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को इस संकट को सुलझाने में मदद के लिए शामिल होना चाहिए, तो आसिफ ने कहा, "निश्चित रूप से वे विश्व शक्ति का नेतृत्व कर रहे हैं, एकमात्र विश्व शक्ति हैं और वे दुनिया भर में अलग-अलग फ्लैशपॉइंट पर अलग अलग पार्टियों से बात कर रहे हैं."
"और यह भी एक फ्लैशपॉइंट है, जिसमें दो परमाणु शक्तियां एक-दूसरे के साथ जुड़ी हुई हैं. मुझे लगता है कि इस स्थिति पर ध्यान दिया जाना चाहिए और यदि विश्व शक्ति हस्तक्षेप कर सकती है और इस स्थिति में किसी तरह की समझदारी लाई जा सकती है, तो यह अच्छा होगा."
बता दें कि अमेरिका ने भारत में हुए इस आतंकी हमले की कड़े शब्दों में निंदा की है. अमेरिकी विदेश मंत्रालय की प्रवक्ता टैमी ब्रूस ने कहा है कि जैसा कि राष्ट्रपति ट्रंप और विदेश मंत्री रुबियो पहले ही स्पष्ट कर चुके हैं, अमेरिका भारत के साथ है और आतंकवाद के हर कृत्य की कड़ी निंदा करता है. उन्होंने कहा कि हम इस हमले में जान गंवाने वालों के लिए प्रार्थना करते हैं, घायलों के जल्द से जल्द स्वस्थ होने की कामना करते हैं और चाहते हैं कि इस जघन्य हमले के दोषियों को न्याय के कठघरे में लाया जाए. ख्वाजा आसिफ ने आगे कहा कि अन्यथा यदि भारत द्वारा कोई पहल की जाती है तो हम उसी तरह से जवाब देंगे. हमारे पास कोई विकल्प नहीं होगा, बिल्कुल भी कोई विकल्प नहीं होगा.
भारत-पाक में होगी जंग?
अमेरिकी खुफिया रिपोर्ट्स में तर्कहीन प्रतिक्रियाओं के खतरे पर जोर दिया गया है. दोनों देशों के बीच तनाव बढ़ने से स्थिति और खराब हो सकती है. हालांकि, भारत और पाकिस्तान के बीच परमाणु युद्ध की संभावना कम है. पाकिस्तान के आर्मी चीफ ने हाल ही में कश्मीर को "जुगुलर वेन" कहा, जिससे तनाव और बढ़ गया.
आधुनिक मिसाइल प्रणालियों की गति जोखिम को बढ़ाती है. पाकिस्तानी शाहीन मिसाइल नई दिल्ली तक लगभग 7 मिनट में पहुंच सकती है, जबकि भारत की प्रलय मिसाइल इस्लामाबाद तक 6 मिनट से कम समय में पहुंच सकती है.
1981 की एक विशेष राष्ट्रीय खुफिया अनुमान रिपोर्ट में कहा गया था कि अगर भारत को लगता है कि पाकिस्तान परमाणु हमला कर रहा है, तो भारत पहले हमला कर सकता है. 1989 की एक रिपोर्ट में चेतावनी दी गई थी कि पारंपरिक संघर्ष परमाणु युद्ध में बदल सकता है.
भारत ने पाकिस्तान के साथ जल-विभाजन समझौते को एकतरफा निलंबित कर दिया है. भारत का आरोप है कि पाकिस्तान ने जम्मू-कश्मीर में हमले के लिए जिम्मेदारी ली है. इस निर्णय से पाकिस्तान में पानी की कमी हो सकती है, जिससे कृषि और खाद्य सुरक्षा पर असर पड़ सकता है.
पाकिस्तानी अखबार ट्रिब्यून में छपी खबर के मुताबिक इस्लामाबाद ने चेतावनी दी है कि अगर भारत नदियों के पानी को रोकने या मोड़ने की कोशिश करता है, तो इसे "युद्ध का कार्य" माना जाएगा और सभी पारंपरिक और गैर-पारंपरिक साधनों से जवाब दिया जाएगा.
पाकिस्तान ने इस कदम को खारिज कर दिया है और कहा है कि समझौते को निलंबित नहीं किया जा सकता. इस निर्णय के पाकिस्तान के लिए गंभीर परिणाम हो सकते हैं, जहां कृषि लगभग 90% सिंधु नदी प्रणाली पर निर्भर है. पाकिस्तान ने पानी को राष्ट्रीय हित बताया है और इसकी रक्षा की बात कही है.
जानिए किसके पास कितने परमाणु हथियार
दुनिया में इस समय 12,121 परमाणु हथियार हैं. जिनमें से 172 भारत के पास हैं. भारत परमाणु हथियारों के मामले में दुनिया का छठवां सबसे ताकतवर देश बन गया है. हालांकि यह अब भी रूस, अमेरिका, चीन से पीछे हैं. लेकिन पाकिस्तान से आगे निकल गया है. आइए जानते हैं कि दुनिया के 9 परमाणु हथियार संपन्न देशों के पास कितने हथियार हैं?
दुनिया में 9 देशों के पास परमाणु हथियार हैं. ये हैं- अमेरिका, रूस, इंग्लैंड, फ्रांस, चीन, भारत, पाकिस्तान, उत्तर कोरिया और इजरायल. इन सबने मिलाकर 12,121 परमाणु हथियार बनाए हैं. जिनमें से 9585 मिलिट्री ग्रेड के हथियार हैं. इनमें से 3904 हथियारों को मिसाइलों और विमानों में तैनात रखा गया है.
यानी पिछले साल से 60 हथियार ज्यादा तैनात हैं मिसाइलों और फाइटर जेट्स या बमवर्षकों में. करीब 2100 हथियारों को बैलिस्टिक मिसाइलों में तैनात रखा गया है. ये मिसाइलें हाई अलर्ट पर हैं. वजह है रूस-यूक्रेन, चीन-ताइवान, नाटो बनाम रूस में चल रहा मिलिट्री विवाद या युद्ध. ये बढ़ेंगे तो हथियारों के इस्तेमाल का खतरा भी बढ़ेगा.