वाराणसी को मिलेगी ट्रैफिक से मुक्ति, रेलवे स्टेशनों तक आसान कनेक्टिविटी
नई दिल्ली। भगवान शिव की नगरी काशी यानी वाराणसी को अब जाम की समस्या से बड़ी राहत मिलने जा रही है। केंद्र सरकार ने शहर में ट्रैफिक व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए 25 हजार करोड़ रुपये से अधिक की लागत से दो बड़े एलिवेटेड कॉरिडोर बनाने का फैसला लिया है। इन कॉरिडोर के बनने से शहर में यातायात का दबाव कम होगा और स्थानीय लोगों के साथ-साथ देश-विदेश से आने वाले पर्यटकों को भी बेहतर सुविधा मिलेगी।
प्रस्तावित योजना के तहत काशी में करीब 89 किलोमीटर लंबे दो एलिवेटेड कॉरिडोर बनाए जाएंगे। इनमें पहला कॉरिडोर गंगा नदी के किनारे विकसित किया जाएगा, जबकि दूसरा वरुणा नदी के किनारे बनाया जाएगा। इन दोनों परियोजनाओं का उद्देश्य शहर के प्रमुख हिस्सों को जोड़ना और भीड़भाड़ वाले क्षेत्रों में यातायात व्यवस्था को सुगम बनाना है।
पहला एलिवेटेड कॉरिडोर राष्ट्रीय राजमार्ग-19 और वाराणसी रिंग रोड के बीच गंगा नदी के किनारे बनाया जाएगा। इसकी लंबाई करीब 46 किलोमीटर होगी। वहीं दूसरा कॉरिडोर वरुणा नदी के किनारे राष्ट्रीय राजमार्ग-31 और वाराणसी रिंग रोड को जोड़ेगा। इसकी लंबाई करीब 43 किलोमीटर होगी।
इन कॉरिडोर को छह लेन और चार लेन की सुविधा के साथ तैयार किया जाएगा। परियोजना में मुख्य कैरिजवे, फ्लाईओवर, लूप रैंप और सर्विस रोड जैसी सुविधाएं शामिल होंगी। इससे शहर के अंदर और बाहर जाने वाले वाहनों को तेज और आसान रास्ता मिलेगा।
वाराणसी में लगातार बढ़ते यातायात दबाव को देखते हुए यह परियोजना काफी महत्वपूर्ण मानी जा रही है। धार्मिक और पर्यटन की दृष्टि से वाराणसी देश के सबसे प्रमुख शहरों में शामिल है। हर साल लाखों श्रद्धालु और पर्यटक यहां पहुंचते हैं, जिसके कारण शहर की सड़कों पर अक्सर जाम की स्थिति बन जाती है।
एलिवेटेड कॉरिडोर बनने के बाद भारी वाहनों और लंबी दूरी के यातायात को शहर के भीड़भाड़ वाले हिस्सों से अलग रास्ता मिल सकेगा। इससे शहर के मुख्य बाजारों और धार्मिक स्थलों के आसपास ट्रैफिक का दबाव कम होने की उम्मीद है।
इस परियोजना से वाराणसी के रेलवे स्टेशनों और अन्य प्रमुख स्थानों तक कनेक्टिविटी भी बेहतर होगी। यात्रियों को कम समय में अपने गंतव्य तक पहुंचने में मदद मिलेगी। बेहतर सड़क नेटवर्क से शहर में पर्यटन गतिविधियों को भी बढ़ावा मिलने की संभावना है।
केंद्र सरकार का मानना है कि यह परियोजना वाराणसी के भविष्य के विकास को ध्यान में रखते हुए तैयार की जा रही है। बढ़ती आबादी, पर्यटकों की संख्या और यातायात जरूरतों को देखते हुए शहर में आधुनिक परिवहन व्यवस्था विकसित करना जरूरी हो गया है।
विशेषज्ञों के अनुसार, एलिवेटेड कॉरिडोर बनने से न केवल जाम की समस्या कम होगी, बल्कि ईंधन की बचत और प्रदूषण में कमी लाने में भी मदद मिलेगी। तेज यातायात व्यवस्था से व्यापार और पर्यटन क्षेत्र को भी फायदा पहुंच सकता है।
काशी के लिए यह परियोजना शहर के इंफ्रास्ट्रक्चर में बड़ा बदलाव ला सकती है। आने वाले समय में इन कॉरिडोर के जरिए वाराणसी को एक आधुनिक और बेहतर कनेक्टिविटी वाले शहर के रूप में विकसित करने की योजना है। केंद्र सरकार के इस कदम से स्थानीय लोगों और पर्यटकों दोनों को बड़ी राहत मिलने की उम्मीद है।