ट्रक से टकराई बच्चों से भरी वैन, 10वीं के छात्र की मौत

परिजन सदमें में

Update: 2026-07-29 11:10 GMT
Alwar/Banswara. अलवर/बांसवाड़ा। राजस्थान में बुधवार सुबह एक दर्दनाक सड़क हादसे ने पूरे प्रदेश को झकझोर दिया। बांसवाड़ा जिले में स्कूल जा रही बच्चों से भरी एक वैन सड़क किनारे खड़े ट्रक से जा टकराई। टक्कर इतनी भीषण थी कि वैन के अगले हिस्से के परखच्चे उड़ गए और कई बच्चे वाहन के भीतर बुरी तरह फंस गए। हादसे में 10वीं कक्षा के एक छात्र की मौत हो गई, जबकि 14 अन्य छात्र घायल हो गए। इनमें तीन बच्चों की हालत गंभीर बताई जा रही है और एक छात्र को बेहतर इलाज के लिए उदयपुर रेफर किया गया है। घटना के बाद मौके पर अफरा-तफरी मच गई और स्थानीय लोगों ने तत्काल राहत एवं बचाव कार्य शुरू कर बच्चों को सुरक्षित बाहर निकाला।
यह हादसा बुधवार सुबह करीब आठ बजे बांसवाड़ा-दाहोद मार्ग पर हुआ। जानकारी के अनुसार, छात्रों को लेकर एक निजी वैन सेंट पॉल स्कूल की ओर जा रही थी। रास्ते में वैन सड़क किनारे खड़े ट्रक से टकरा गई। टक्कर इतनी तेज थी कि वाहन का अगला हिस्सा पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया और उसमें बैठे कई बच्चे अंदर ही फंस गए। दुर्घटना की तेज आवाज सुनकर आसपास के लोग तुरंत मौके पर पहुंचे और बचाव कार्य शुरू किया। स्थानीय लोगों ने काफी मशक्कत के बाद वाहन में फंसे बच्चों को बाहर निकाला। इसके बाद घायलों को एंबुलेंस और निजी वाहनों की मदद से बांसवाड़ा के राजकीय महात्मा गांधी अस्पताल पहुंचाया गया। एक साथ बड़ी संख्या में घायल बच्चों के अस्पताल पहुंचने से वहां भी अफरा-तफरी का माहौल बन गया। डॉक्टरों और चिकित्सा कर्मियों ने तुरंत उपचार शुरू किया और गंभीर रूप से घायल बच्चों को प्राथमिकता के आधार पर चिकित्सा उपलब्ध कराई।
हादसे में घायल 16 वर्षीय छात्र हयान वसानिया के सिर में गंभीर चोट लगी थी। डॉक्टरों ने उसे बचाने के लिए सीपीआर सहित सभी आवश्यक प्रयास किए, लेकिन उसकी जान नहीं बचाई जा सकी। हयान 10वीं कक्षा का छात्र था और उसके पिता डॉ. राजेश वसानिया आयुर्वेदिक चिकित्सक हैं। परिवार बांसवाड़ा के माही सरोवर नगर, हाउसिंग बोर्ड क्षेत्र में रहता है। छात्र की मौत की खबर मिलते ही परिवार और स्कूल में शोक की लहर दौड़ गई। बांसवाड़ा के जिला कलेक्टर डॉ. इंद्रजीत यादव स्वयं अस्पताल पहुंचे और घायलों के इलाज की जानकारी ली। उन्होंने बताया कि हादसे में सात बच्चों को अपेक्षाकृत गंभीर चोटें आई हैं। इनमें मध्य मेहता, रूद्र नेमा, गर्व शर्मा, वाणी गुप्ता, प्रिशा मेहता और किंजल साजवान सहित अन्य छात्र शामिल हैं। गंभीर रूप से घायल रूद्र नेमा को बेहतर इलाज के लिए उदयपुर के गीतांजलि अस्पताल रेफर किया गया है। दो अन्य बच्चों का इलाज बांसवाड़ा के महात्मा गांधी अस्पताल में जारी है, जबकि बाकी बच्चों को प्राथमिक उपचार के बाद छुट्टी दे दी गई।
घटना की सूचना मिलते ही पुलिस और प्रशासन के अधिकारी मौके पर पहुंच गए। दुर्घटनास्थल का निरीक्षण किया गया और हादसे के कारणों की जांच शुरू कर दी गई। बांसवाड़ा के डीएसपी मनीष चारण ने बताया कि वैन चालक नितिन मनारिया (29), निवासी अगरपुरा, को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है। पुलिस यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि हादसा चालक की लापरवाही, तेज रफ्तार या किसी अन्य कारण से हुआ।सेंट पॉल स्कूल के जनसंपर्क अधिकारी विजय सोनी ने स्पष्ट किया कि दुर्घटनाग्रस्त वैन स्कूल की नहीं थी। उन्होंने बताया कि छात्रों के स्कूल आने-जाने की व्यवस्था उनके अभिभावक निजी स्तर पर करते हैं। इस हादसे के बाद स्कूल प्रशासन ने छात्रों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए बुधवार के लिए अवकाश घोषित कर दिया। स्कूल प्रबंधन ने मृत छात्र के परिवार के प्रति संवेदना व्यक्त की और घायलों के शीघ्र स्वस्थ होने की कामना की।
यह घटना राजस्थान में हाल के दिनों में स्कूली वाहनों से जुड़े हादसों की कड़ी में एक और गंभीर मामला बनकर सामने आई है। इससे पहले अलवर जिले के रैणी क्षेत्र में भी स्कूल से लौट रहे बच्चों से भरा एक टेंपो पलट गया था। उस हादसे में पांच वर्षीय छात्र दिक्षित कोली गंभीर रूप से घायल हो गया था, जिसकी बाद में जयपुर में उपचार के दौरान मौत हो गई। पुलिस के अनुसार, उस घटना में बच्चा टेंपो से नीचे गिर गया था और वाहन का पहिया उसके सिर के ऊपर से गुजर गया था। लगातार सामने आ रहे ऐसे हादसे स्कूली बच्चों की परिवहन व्यवस्था और सड़क सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर रहे हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि निजी स्कूल  वाहनों की नियमित जांच, चालकों का सत्यापन, वाहनों की फिटनेस और सुरक्षा मानकों का कड़ाई से पालन सुनिश्चित करना आवश्यक है। साथ ही अभिभावकों को भी बच्चों के लिए सुरक्षित परिवहन का चयन करते समय विशेष सतर्कता बरतनी चाहिए।
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