अनोखी शव यात्रा: अंतिम इच्छा पूरी करने को भाई ने मंगाईं 16 एंबुलेंस

परिवार ने निभाया वादा

Update: 2026-03-30 17:24 GMT

सांकेतिक तस्वीर (AI) 

Uttar Pradesh उत्तर प्रदेश: उन्नाव जिले से एक बेहद भावुक कर देने वाली घटना सामने आई है, जहां एक भाई ने अपने दिवंगत भाई की अंतिम इच्छा को पूरा करते हुए 16 एंबुलेंस के काफिले के साथ उसकी अंतिम यात्रा निकाली। इस अनोखी और मार्मिक विदाई की पूरे इलाके में चर्चा हो रही है।


जानकारी के अनुसार, 50 वर्षीय कमलेश, जो पेशे से राजमिस्त्री थे, लंबे समय से लिवर की गंभीर बीमारी से जूझ रहे थे। उन्होंने अपने छोटे भाई विमलेश, जो एंबुलेंस चालक हैं, से आखिरी इच्छा जताई थी कि उनकी शव यात्रा एंबुलेंस के काफिले के साथ निकाली जाए।



शनिवार रात कमलेश का निधन हो गया। इसके बाद रविवार को उनके भाई विमलेश ने अपने वादे को निभाते हुए अपने साथी एंबुलेंस चालकों से संपर्क किया और उन्हें अंतिम यात्रा में शामिल होने का अनुरोध किया। भाई के प्रति सम्मान और भावनात्मक जुड़ाव के चलते सभी चालक बिना किसी शुल्क के इस यात्रा में शामिल होने के लिए तैयार हो गए।

रविवार दोपहर जब 16 एंबुलेंस सायरन बजाते हुए कतार में निकलीं, तो आसपास के लोग हैरान रह गए। शुरुआत में लोगों को किसी
आपात
स्थिति का अंदेशा हुआ, लेकिन जब सच्चाई सामने आई तो हर किसी की आंखें नम हो गईं। यह काफिला शुक्लागंज श्मशान घाट तक गया, जहां अंतिम संस्कार किया गया।


कमलेश के परिवार में पत्नी सरला, बेटी रुचि और बेटा तनिष्क हैं, जो इस घटना से बेहद भावुक हैं। स्थानीय लोगों ने भाई के इस समर्पण और प्रेम की सराहना की। यह घटना न सिर्फ भाई-बहन के रिश्ते की गहराई को दर्शाती है, बल्कि यह भी बताती है कि अंतिम इच्छा का सम्मान किस तरह एक इंसान के जीवन का सबसे बड़ा सम्मान बन सकता है।
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