Imphal इंफाल: मणिपुर में जनगणना और राज्य की जनसांख्यिकीय प्रोफाइल को लेकर फैली भ्रांतियों को दूर करने के उद्देश्य से गृह विभाग और मणिपुर राज्य जनसंख्या आयोग की ओर से दो दिवसीय परामर्श बैठक एवं सेमिनार का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में जनगणना प्रक्रिया, जनसंख्या से जुड़े आंकड़ों और उससे संबंधित अवधारणाओं पर विस्तार से चर्चा की जा रही है।
मणिपुर राज्य जनसंख्या आयोग के सचिव मयेंगबाम वीटो सिंह ने कहा कि इस कार्यक्रम का उद्देश्य लोगों के बीच जनगणना को लेकर मौजूद गलतफहमियों, जागरूकता की कमी और अवधारणात्मक अस्पष्टता को दूर करना है। उन्होंने कहा कि जनगणना केवल जनसंख्या की गिनती नहीं, बल्कि विकास योजनाओं, संसाधनों के वितरण और नीति निर्माण का महत्वपूर्ण आधार होती है।
उन्होंने बताया कि गृह विभाग और राज्य जनसंख्या आयोग मिलकर यह सुनिश्चित करना चाहते हैं कि जनगणना से जुड़ी सही जानकारी आम लोगों तक पहुंचे और विभिन्न वर्गों के बीच इस विषय पर बेहतर समझ विकसित हो। सेमिनार में विशेषज्ञ, अधिकारी और विभिन्न क्षेत्रों के प्रतिनिधि भाग ले रहे हैं, जो जनसंख्या संबंधी मुद्दों पर अपने विचार साझा कर रहे हैं।
कार्यक्रम के दौरान जनसांख्यिकीय बदलाव, जनगणना की प्रक्रिया, आंकड़ों के महत्व और उनके सामाजिक एवं आर्थिक प्रभावों पर भी चर्चा की जा रही है। अधिकारियों का मानना है कि सही जानकारी और जनभागीदारी से भविष्य की जनगणना प्रक्रिया अधिक प्रभावी और पारदर्शी बन सकेगी। राज्य सरकार का कहना है कि इस तरह के जागरूकता कार्यक्रमों से लोगों में जनगणना के महत्व को लेकर विश्वास बढ़ेगा और विकास योजनाओं के बेहतर क्रियान्वयन में भी मदद मिलेगी।