नर्मदापुरम। विकसित भारत के निर्माण में युवाओं की भूमिका को मजबूत करने और नशे के खिलाफ जागरूकता बढ़ाने के उद्देश्य से नर्मदापुरम में ‘विकसित भारत के लिए नशा-मुक्त युवा संकल्प अभियान’ की शुरुआत की गई। यह कार्यक्रम गवर्नमेंट होम साइंस लीड पोस्टग्रेजुएट कॉलेज में आयोजित किया गया।
इस अभियान का आयोजन युवा मामले और खेल मंत्रालय तथा राष्ट्रीय सेवा योजना (NSS) के क्षेत्रीय निदेशालय के तत्वावधान में किया गया। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में छात्र-छात्राओं ने हिस्सा लिया और नशे से दूर रहने का संकल्प लिया।
कार्यक्रम का उद्देश्य युवाओं को नशे के दुष्प्रभावों के प्रति जागरूक करना और उन्हें स्वस्थ एवं सकारात्मक जीवनशैली अपनाने के लिए प्रेरित करना था। वक्ताओं ने कहा कि देश के विकास में युवाओं की अहम भूमिका है और इसके लिए उनका शारीरिक एवं मानसिक रूप से स्वस्थ रहना जरूरी है।
यह कार्यक्रम कॉलेज की प्राचार्य डॉ. संगीता अहिरवार और NSS जिला समन्वयक डॉ. हर्षा चाचने के मार्गदर्शन में आयोजित किया गया। कार्यक्रम के संचालन में NSS कार्यक्रम अधिकारी काजल बाथरे और पूजा गोस्वामी की महत्वपूर्ण भूमिका रही।
कार्यक्रम में कई गणमान्य अतिथियों ने भाग लिया। इनमें विधायक प्रतिनिधि नैना सोनी, बाल संरक्षण अधिकारी आशु पटेल, कैंसर विशेषज्ञ डॉ. दिवाकर मिश्रा और डॉ. नीलिमा मिश्रा सहित अखिल विश्व गायत्री परिवार के प्रतिनिधि शामिल हुए।
अतिथियों ने युवाओं को संबोधित करते हुए कहा कि नशा न केवल व्यक्ति के स्वास्थ्य को नुकसान पहुंचाता है, बल्कि परिवार और समाज पर भी नकारात्मक प्रभाव डालता है। उन्होंने युवाओं से अपील की कि वे स्वयं नशे से दूर रहें और अपने आसपास के लोगों को भी इसके प्रति जागरूक करें।
कैंसर विशेषज्ञ डॉ. दिवाकर मिश्रा और डॉ. नीलिमा मिश्रा ने नशे के स्वास्थ्य पर पड़ने वाले गंभीर प्रभावों के बारे में जानकारी दी। उन्होंने बताया कि तंबाकू, शराब और अन्य नशीले पदार्थों के सेवन से कई गंभीर बीमारियों का खतरा बढ़ जाता है। युवाओं को समय रहते इन आदतों से बचने की आवश्यकता है।
बाल संरक्षण अधिकारी आशु पटेल ने युवाओं और बच्चों को नशे से बचाने के लिए समाज की जिम्मेदारी पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि परिवार, शिक्षण संस्थान और समाज मिलकर ही नशा मुक्त वातावरण तैयार कर सकते हैं।
विधायक प्रतिनिधि नैना सोनी ने कहा कि युवा देश की सबसे बड़ी ताकत हैं। यदि युवा स्वस्थ और सकारात्मक सोच के साथ आगे बढ़ेंगे तो विकसित भारत के लक्ष्य को हासिल करने में मदद मिलेगी। उन्होंने नशा मुक्त समाज के निर्माण के लिए सभी से सहयोग करने की अपील की।
कार्यक्रम में अखिल विश्व गायत्री परिवार के प्रतिनिधियों ने भी नशा मुक्ति और संस्कार आधारित जीवनशैली को लेकर अपने विचार रखे। उन्होंने कहा कि जागरूकता और सामूहिक प्रयासों से समाज में सकारात्मक बदलाव लाया जा सकता है।
NSS स्वयंसेवकों ने भी अभियान के तहत लोगों को नशे के खिलाफ जागरूक करने का संकल्प लिया। उन्होंने कहा कि वे अपने स्तर पर भी जागरूकता कार्यक्रमों के माध्यम से युवाओं तक नशा मुक्ति का संदेश पहुंचाएंगे।
कार्यक्रम के दौरान उपस्थित छात्र-छात्राओं ने नशे से दूर रहने और दूसरों को भी इसके लिए प्रेरित करने की शपथ ली। वक्ताओं ने कहा कि इस तरह के अभियान युवाओं को सही दिशा देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
आयोजकों ने बताया कि नशा-मुक्त युवा संकल्प अभियान के तहत आने वाले समय में भी विभिन्न जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। इन कार्यक्रमों के माध्यम से अधिक से अधिक युवाओं को जोड़ने और नशे के खिलाफ सामाजिक आंदोलन को मजबूत करने का प्रयास किया जाएगा।
कार्यक्रम के सफल आयोजन में NSS स्वयंसेवकों और कॉलेज स्टाफ का विशेष योगदान रहा। अधिकारियों ने कहा कि युवाओं की भागीदारी से ही नशा मुक्त और स्वस्थ समाज का निर्माण संभव है।
नर्मदापुरम में शुरू हुआ यह अभियान युवाओं को नशे से बचाने और उन्हें राष्ट्र निर्माण में सक्रिय भागीदारी के लिए प्रेरित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल माना जा रहा है।