इंदौर। खाद्य सुरक्षा को लेकर प्रशासन ने सख्ती बढ़ा दी है। खाद्य सुरक्षा प्रशासन की टीम ने बाईपास रोड स्थित दो ढाबों का निरीक्षण कर खाद्य पदार्थों के 11 सैंपल लिए हैं। इन सैंपलों को जांच के लिए प्रयोगशाला भेजा गया है। रिपोर्ट आने के बाद खाद्य सुरक्षा नियमों के उल्लंघन की स्थिति में संबंधित प्रतिष्ठानों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।

सीनियर फूड ऑफिसर मनीष स्वामी ने बताया कि यह निरीक्षण खाद्य सुरक्षा आयुक्त के निर्देश और कलेक्टर शिवम वर्मा की देखरेख में शनिवार को किया गया। टीम ने ढाबों में खाद्य सामग्री की गुणवत्ता, साफ-सफाई व्यवस्था और खाद्य सुरक्षा मानकों के पालन की जांच की।

निरीक्षण के दौरान अधिकारियों ने बाईपास रोड स्थित ओमैक्स सिटी-1 के सामने एमएस जम्मू-कश्मीर ढाबे पर कई कमियां पाईं। अधिकारियों के अनुसार, ढाबे में फूड रजिस्ट्रेशन सर्टिफिकेट निर्धारित तरीके से प्रदर्शित नहीं किया गया था। इसके अलावा पानी की जांच रिपोर्ट और खाद्य पदार्थ तैयार करने वाले कर्मचारियों के स्वास्थ्य परीक्षण प्रमाणपत्र भी उपलब्ध नहीं मिले।

खाद्य सुरक्षा टीम ने बताया कि निरीक्षण के दौरान कच्चे खाद्य पदार्थों के कुछ पैकेट खुले हुए मिले। अधिकारियों ने इसे खाद्य सुरक्षा मानकों के विपरीत बताया। इसके अलावा बर्तन धोने वाले स्थान पर पानी जमा हुआ पाया गया और ड्रेनेज व्यवस्था भी संतोषजनक नहीं थी।

टीम ने यह भी पाया कि ढाबे में काम करने वाले कुछ कर्मचारी बिना कैप और एप्रन के काम कर रहे थे। खाद्य पदार्थ तैयार करने के दौरान कर्मचारियों के लिए निर्धारित सुरक्षा मानकों का पालन नहीं किया जा रहा था। अधिकारियों ने संचालकों को साफ-सफाई और सुरक्षा नियमों का पालन करने के निर्देश दिए।

निरीक्षण के दौरान टीम ने ढाबे से पनीर, अरहर दाल और मिक्स दाल के सैंपल लिए। इन नमूनों को जांच के लिए लैब भेजा गया है। जांच रिपोर्ट में यदि खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता में कमी या मिलावट की पुष्टि होती है तो नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।

अधिकारियों ने बताया कि खाद्य सुरक्षा विभाग की ओर से समय-समय पर होटल, ढाबों और खाद्य प्रतिष्ठानों की जांच की जाती है। इसका उद्देश्य लोगों को सुरक्षित और गुणवत्तापूर्ण भोजन उपलब्ध कराना है।

टीम ने दूसरे ढाबे का भी निरीक्षण किया और वहां खाद्य सामग्री, रसोई की स्थिति और स्वच्छता व्यवस्था की जांच की। दोनों प्रतिष्ठानों से कुल 11 खाद्य पदार्थों के नमूने लिए गए हैं।

खाद्य सुरक्षा अधिकारियों का कहना है कि भोजन बनाने और परोसने वाले प्रतिष्ठानों में साफ-सफाई सबसे महत्वपूर्ण है। रसोई में स्वच्छता की कमी से लोगों के स्वास्थ्य पर प्रतिकूल असर पड़ सकता है। इसलिए सभी संचालकों को खाद्य सुरक्षा नियमों का पालन करना अनिवार्य है।

विभाग की कार्रवाई के बाद अन्य ढाबा और होटल संचालकों में भी सतर्कता बढ़ गई है। अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि खाद्य सुरक्षा मानकों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ लगातार अभियान जारी रहेगा।

खाद्य सुरक्षा विभाग ने आम लोगों से भी अपील की है कि वे भोजन की गुणवत्ता और साफ-सफाई को लेकर सतर्क रहें। यदि किसी खाद्य प्रतिष्ठान में नियमों की अनदेखी दिखाई देती है तो इसकी शिकायत संबंधित विभाग को की जा सकती है।

फिलहाल खाद्य पदार्थों के सैंपल की जांच रिपोर्ट का इंतजार है। रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई तय की जाएगी। प्रशासन का कहना है कि लोगों को सुरक्षित खाद्य सामग्री उपलब्ध कराना उसकी प्राथमिकता है और इसके लिए लगातार निरीक्षण अभियान चलाए जाते रहेंगे।

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