आंध्र प्रदेश: अनंतपुर जिले में गुरुवार को एक दर्दनाक हादसे में ट्रेन की चपेट में आने से दो हाथी के बच्चों की मौत हो गई। यह घटना गुरुवार तड़के डी. हिरेहल मंडल के कल्याणम गांव के पास रेलवे ट्रैक पर हुई। हादसा कल्याणदुर्ग वन क्षेत्र के रायदुर्गम बीट और सेक्शन इलाके में हुआ। घटना पर राज्य के उपमुख्यमंत्री और वन एवं पर्यावरण मंत्री पवन कल्याण ने गहरा दुख व्यक्त किया। उन्होंने वन विभाग के अधिकारियों से हादसे की पूरी जानकारी ली और भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए विशेष कदम उठाने के निर्देश दिए।
उपमुख्यमंत्री कार्यालय द्वारा जारी बयान के अनुसार, पवन कल्याण ने कहा कि वन क्षेत्रों से गुजरने वाले रेलवे मार्गों पर वन्यजीवों की सुरक्षा के लिए वन विभाग और रेलवे विभाग को मिलकर काम करना चाहिए। उन्होंने याद दिलाया कि इसी रेलवे मार्ग पर पहले भी एक तेंदुए की ट्रेन दुर्घटना में मौत हो चुकी है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि वन्यजीव संरक्षण के तहत बनाए गए दिशा-निर्देशों का लोको पायलट सख्ती से पालन करें।
पवन कल्याण ने वन विभाग के अधिकारियों को स्थानीय रेलवे अधिकारियों के साथ समन्वय बैठक आयोजित करने और वन्यजीवों की सुरक्षा के लिए जरूरी कदम उठाने को कहा। उन्होंने निर्देश दिया कि जंगल वाले इलाकों में ट्रेनों की आवाजाही के दौरान वन्यजीवों की सुरक्षा के उपायों पर विस्तृत चर्चा की जाए। उपमुख्यमंत्री ने कहा कि वन क्षेत्रों से गुजरने वाली ट्रेनों के लोको पायलटों को अधिक सतर्क रहने की आवश्यकता है।
उन्होंने सुझाव दिया कि वन क्षेत्रों में ट्रेनों की रफ्तार नियंत्रित रखी जाए। रेलवे ट्रैक पर लगातार नजर रखी जाए। जहां वन्यजीवों की आवाजाही अधिक है, वहां नियमित रूप से हॉर्न बजाया जाए। लोको पायलटों को वन्यजीवों की गतिविधियों और उनकी सुरक्षा को लेकर विशेष प्रशिक्षण दिया जाए।
पवन कल्याण ने वन विभाग को निर्देश दिया कि रेलवे अधिकारियों के साथ मिलकर उन स्थानों की पहचान की जाए जहां वन्यजीव अक्सर रेलवे ट्रैक पार करते हैं। इन इलाकों में विशेष सुरक्षा उपाय लागू किए जाएं। उन्होंने प्रधान मुख्य वन संरक्षक (पीसीसीएफ) को भी निर्देश दिया कि रेलवे मार्गों पर वन्यजीवों की सुरक्षा का मुद्दा संबंधित रेलवे महाप्रबंधक के समक्ष उठाया जाए।
उपमुख्यमंत्री ने बिजली के करंट से हो रही हाथियों की लगातार मौतों की घटनाओं की भी समीक्षा की। उन्होंने निर्देश दिया कि जिन जिलों में ऐसी घटनाएं अधिक हो रही हैं, वहां कलेक्टरों और कृषि, बागवानी, बिजली, पंचायत राज, ग्रामीण विकास सहित अन्य विभागों के अधिकारियों के साथ संयुक्त बैठकें आयोजित की जाएं।
पवन कल्याण ने स्पष्ट कहा कि करंट लगने से हाथियों की मौत की समस्या का स्थायी समाधान तलाशा जाना चाहिए। उन्होंने वन विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों को प्रत्येक घटना की विस्तृत जांच करने और भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए सुधारात्मक कदम उठाने के निर्देश दिए। इसके अलावा उन्होंने कहा कि वन्यजीवों की आवाजाही वाले क्षेत्रों में बिजली की लाइनों को पर्याप्त ऊंचाई पर रखा जाए और किसानों को जागरूक किया जाए कि वे ऐसे इलाकों में फसलों की सुरक्षा के लिए बिजली वाली बाड़ का उपयोग न करें।
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