जनता से रिश्ता वेबडेस्क। पराग अग्रवाल (Parag Agrawal) के सीईओ बनते ही ट्विटर (Twitter) एक्शन में आ गया है. ट्विटर ने मंगलवार को नए नियम लॉन्च किए, जिससे यूजर्स को उनकी सहमति के बिना अन्य लोगों की निजी तस्वीरें या वीडियो को शेयर करने पर रोक लगा दी है. उन्होंने अपनी नेटवर्क पॉलिसी को और सख्त कर दिया है. नए नियमों के तहत, जो लोग सार्वजनिक हस्ती नहीं हैं, वे ट्विटर से उन तस्वीरों या वीडियो को हटाने के लिए कह सकते हैं जिनकी रिपोर्ट उन्होंने बिना अनुमति के पोस्ट की थी.

क्या है नए फैसले का मकसद
अभी तक यूजर्स दूसरे यूजर्स की तस्वीरें और वीडियो को बिना अनुमति भेज देते थे. कंपनी की ओर से लिए गए फैसले का मकसद उत्पीड़न विरोधी नीतियों को और मजबूत करना और महिला यूजर्स को सुरक्षित रखना है. ट्विटर ने कहा कि यह नीति "सार्वजनिक हस्तियों पर लागू नहीं होती है. हम हमेशा उस संदर्भ का आकलन करने की कोशिश करेंगे जिसमें कंटेंट शेयर की जाती है और ऐसे मामलों में, हम तस्वीरों या वीडियो को सेवा पर बने रहने की अनुमति दे सकते हैं.''
यूजर्स कर सकेंगे अपील
इंटरनेट यूजर्स के प्लेटफ़ॉर्म पर अपील करने का अधिकार होगा. काफी सालों से इस पर बहस चल रही थी. लेकिन इसे अब ट्विटर पर लागू कर दिया गया है. ट्विटर ने पहले ही यूजर्स को दूसरों की व्यक्तिगत जानकारी जैसे उनका पता या स्थान, पहचान दस्तावेज, गैर-सार्वजनिक संपर्क जानकारी, वित्तीय जानकारी, या चिकित्सा डाटा साझा करने से प्रतिबंधित कर दिया है.
पराग अग्रवाल के सीईओ बनते ही नए नियम लॉन्च हुए
यह बदलाव उस दिन आया जब ट्विटर के सह-संस्थापक जैक डोर्सी ने घोषणा की कि वह कंपनी छोड़ रहे हैं, और कंपनी के कार्यकारी पराग अग्रवाल को सीईओ बना दिया गया.


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