Washington वॉशिंगटन। अमेरिका और कनाडा के बीच व्यापारिक तनाव एक बार फिर बढ़ता दिखाई दे रहा है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कनाडा के साथ चल रहे व्यापार विवाद के बीच बड़ा कदम उठाने की चेतावनी दी है। ट्रंप ने कहा है कि अमेरिका में आने वाले सभी कारों, ट्रकों, ऑटोमोबाइल पार्ट्स और स्टील पर आयात शुल्क (टैरिफ) को बढ़ाकर 50 प्रतिशत तक किया जाएगा। यह नया शुल्क 1 जनवरी 2027 से लागू करने की बात कही गई है।
ट्रंप ने सोमवार को सोशल मीडिया पोस्ट के जरिए यह घोषणा की। उन्होंने कहा कि जो कंपनियां अपने वाहन अमेरिका में बनाएंगी, उन्हें किसी भी तरह का टैरिफ नहीं देना होगा। ट्रंप ने अपने पोस्ट में कनाडा को लेकर कड़ा रुख अपनाते हुए कहा कि अब उसे पहले की तरह विशेष व्यापारिक व्यवहार नहीं मिलेगा। उन्होंने लिखा कि कनाडा के साथ व्यापार और अन्य मामलों में अमेरिका को कई समस्याओं का सामना करना पड़ा है। ट्रंप ने दावा किया कि कनाडा को अमेरिका की जरूरत है, जबकि अमेरिका को कनाडा पर निर्भर रहने की आवश्यकता नहीं है।
कनाडा-अमेरिका व्यापार वार्ता रही विफल
अमेरिका और कनाडा के बीच व्यापार समझौते को लेकर शुक्रवार को हुई बातचीत किसी नतीजे पर नहीं पहुंच सकी। दोनों देशों ने एक-दूसरे पर बातचीत विफल होने का आरोप लगाया। इसके बाद कनाडा ने भी अमेरिका के कुछ उत्पादों पर जवाबी शुल्क लगाने की तैयारी शुरू कर दी है। ट्रंप प्रशासन ने इससे पहले भी कनाडा के कई उत्पादों पर 50 प्रतिशत तक शुल्क लगाने का आदेश दिया था। इसके जवाब में कनाडा सरकार ने अमेरिकी सामानों पर नए शुल्क लगाने की योजना बनाई है। इस व्यापारिक खींचतान से दोनों देशों के बीच लंबे समय से चले आ रहे आर्थिक संबंधों पर असर पड़ने की आशंका जताई जा रही है।
ऑटो सेक्टर पर पड़ सकता है बड़ा असर
अमेरिका और कनाडा का ऑटोमोबाइल उद्योग आपस में काफी जुड़ा हुआ है। दोनों देशों के बीच बड़ी मात्रा में वाहनों और ऑटो पार्ट्स का आयात-निर्यात होता है। ऐसे में 50 प्रतिशत टैरिफ लागू होने से वाहन निर्माण कंपनियों की लागत बढ़ सकती है। विशेषज्ञों का मानना है कि नए शुल्क से कारों और ट्रकों की कीमतों में बढ़ोतरी हो सकती है। इसका असर कंपनियों के उत्पादन, सप्लाई चेन और ग्राहकों की जेब पर पड़ सकता है। कई वाहन निर्माता कंपनियां दोनों देशों में फैक्ट्रियों और सप्लाई नेटवर्क का इस्तेमाल करती हैं।
व्हाइट हाउस ने नहीं दी तत्काल प्रतिक्रिया
रिपोर्ट के मुताबिक, ट्रंप के बयान पर व्हाइट हाउस के प्रतिनिधियों ने तत्काल कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं दी। हालांकि, ट्रंप प्रशासन पहले भी अमेरिका में निर्माण को बढ़ावा देने और घरेलू उद्योगों की सुरक्षा के लिए टैरिफ नीति अपनाता रहा है। ट्रंप का यह कदम उनकी “अमेरिका फर्स्ट” व्यापार नीति का हिस्सा माना जा रहा है। उनका कहना है कि ज्यादा टैरिफ लगाने से विदेशी कंपनियां अमेरिका में निवेश करेंगी और स्थानीय रोजगार को बढ़ावा मिलेगा।
वैश्विक बाजार पर भी असर की संभावना
अमेरिका और कनाडा दुनिया के सबसे बड़े व्यापारिक साझेदारों में शामिल हैं। दोनों देशों के बीच बढ़ता तनाव वैश्विक ऑटो उद्योग और व्यापार बाजार को प्रभावित कर सकता है। अगर दोनों देशों के बीच समझौता नहीं होता है तो आने वाले समय में अन्य उत्पादों पर भी शुल्क बढ़ने की संभावना बनी रह सकती है।
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