New York. न्यूयॉर्क। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने मंगलवार को न्यूयॉर्क में संयुक्त राष्ट्र महासभा (UNGA) के 81वें सत्र की आम बहस को संबोधित करते हुए ईरान के परमाणु कार्यक्रम पर कड़ा रुख दोहराया। ट्रंप ने कहा कि अमेरिका ईरान को परमाणु हथियार हासिल नहीं करने देगा। ईरान से जुड़ा संघर्ष और उसका परमाणु कार्यक्रम इस साल ट्रंप के संयुक्त राष्ट्र दौरे के प्रमुख मुद्दों में शामिल हैं। संयुक्त राष्ट्र महासभा के 81वें सत्र की आम बहस 22 सितंबर से न्यूयॉर्क स्थित संयुक्त राष्ट्र मुख्यालय में शुरू हुई है और यह 28 सितंबर तक चलेगी। इसमें विभिन्न देशों के राष्ट्राध्यक्ष, सरकार प्रमुख और वरिष्ठ प्रतिनिधि वैश्विक मुद्दों पर अपने-अपने देशों का पक्ष रख रहे हैं।
ट्रंप ने अपने संबोधन में ईरान के परमाणु हथियार हासिल करने की संभावना को अमेरिका और क्षेत्रीय सुरक्षा के लिए गंभीर मुद्दे के रूप में पेश किया। उनका तर्क रहा है कि ईरान को परमाणु हथियार विकसित करने से रोकना अमेरिकी नीति का महत्वपूर्ण लक्ष्य है। मौजूदा परिस्थितियों में उनका यह बयान इसलिए भी अहम है क्योंकि ईरान के साथ संघर्ष और उसके परमाणु कार्यक्रम को लेकर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर तनाव बना हुआ है। अमेरिकी प्रशासन की ओर से इसके साथ ही बातचीत की संभावना को पूरी तरह बंद नहीं किया गया है। अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने मंगलवार को कहा कि अमेरिका संयुक्त राष्ट्र महासभा के दौरान ईरानी प्रतिनिधिमंडल से बातचीत के लिए तैयार है, हालांकि उस समय तक किसी बैठक की घोषणा नहीं की गई थी।
ट्रंप का यह संबोधन ऐसे समय में हुआ है जब संयुक्त राष्ट्र की हाई-लेवल वीक में शांति और सुरक्षा सहित कई अंतरराष्ट्रीय मुद्दे चर्चा के केंद्र में हैं। संयुक्त राष्ट्र के मुताबिक इस साल आम बहस की थीम “Restoring trust, managing transformation: a United Nations that delivers for all” रखी गई है। करीब 130 राष्ट्राध्यक्ष और सरकार प्रमुख हाई-लेवल वीक में शामिल हो रहे हैं। ईरान का परमाणु कार्यक्रम लंबे समय से अंतरराष्ट्रीय कूटनीति का अहम मुद्दा रहा है। ट्रंप के ताजा बयान ने एक बार फिर साफ किया कि उनका प्रशासन ईरान को परमाणु हथियार हासिल करने से रोकने को अपनी प्राथमिकताओं में रख रहा है। वहीं, आने वाले दिनों में संयुक्त राष्ट्र महासभा के इतर होने वाली कूटनीतिक बैठकों में भी ईरान और क्षेत्रीय सुरक्षा से जुड़े मुद्दों पर चर्चा होने की संभावना है।
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