Trump-Netanyahu: एशिया की राजनीति में ‘डबल गेम’, ईरान पर नजरें टिकीं

ईरान पर दबाव, लेकिन अमेरिका ने कहा ‘धीरे-धीरे’

Update: 2026-03-21 18:19 GMT
Delhi दिल्ली: मिडिल ईस्ट की जंग अब बेहद खतरनाक मोड़ पर पहुंच गई है। शनिवार को ईरान के नतांज परमाणु संयंत्र पर बड़ा हमला हुआ, जिसके बाद ईरान ने अपने दुश्मनों को चेतावनी देते हुए दुनिया भर के पर्यटन स्थलों को निशाना बनाने की धमकी दी। इस बीच अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने मिडिल ईस्ट में युद्ध को धीरे-धीरे खत्म करने का ‘एग्जिट प्लान’ पेश किया, जबकि इजरायल ने ईरान पर हमले तेज करने की चेतावनी दी।
ट्रंप ने ‘ट्रुथ सोशल’ पर कहा कि अमेरिका अपने सैन्य लक्ष्यों को पूरा करने के बेहद करीब है और अब वह बड़े सैन्य अभियानों को धीरे-धीरे खत्म करने पर विचार कर रहा है। उनके इस बयान ने युद्ध को कम करने के संकेत दिए।
हालांकि, इजरायल के रक्षा मंत्री इजरायल काट्ज ने कहा कि आने वाले हफ्ते में ईरान पर हमले और भी तेज कर दिए जाएंगे। ट्रंप के पीछे हटने के संकेत और इजरायल की आक्रामक रणनीति के बीच यह एक ‘डबल गेम’ जैसा दिख रहा है। विशेषज्ञों का कहना है कि अमेरिका और इजरायल ने मिडिल ईस्ट में अपने युद्धपोतों और सैन्य संसाधनों को और मजबूत कर लिया है। ईरान ने चेतावनी दी है कि वह अपने हितों की रक्षा के लिए हर कदम उठाएगा।
इस स्थिति के चलते मिडिल ईस्ट और वैश्विक सुरक्षा पर गंभीर असर पड़ सकता है। तनाव बढ़ने के कारण किसी भी अनियंत्रित कार्रवाई से क्षेत्रीय युद्ध और अंतरराष्ट्रीय संकट पैदा हो सकता है। जनता और अंतरराष्ट्रीय समुदाय इस समय घटनाक्रम पर नजर बनाए हुए हैं, क्योंकि ट्रंप और नेतन्याहू के विभिन्न रुखों के कारण मिडिल ईस्ट की स्थिति और अधिक संवेदनशील बन गई है।
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